अगर एग्जिट पोल सच साबित हुए और पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को वाकई 0-4 से हार का सामना करना पड़ा, तो उनकी कप्तान सोनिया गांधी एक बार फिर सक्रिय रोल में आ जाएंगीं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि अगर मिजोरम को अलहदा रखा जाए और बाकी चार राज्यों में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा, तो पार्टी में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
एग्जिट पोल कांग्रेस के लिए बुरी खबर लेकर आए हैं और अगर चुनावी नतीजे पोल के मुताबिक रहते हैं, तो सोनिया गांधी कांग्रेस को लोकसभा चुनावों के लिए तैयार करने के लिए ज्यादा सक्रिय भूमिका में आ जाएंगीं। विधानसभा चुनावों में यह जिम्मा राहुल गांधी ने संभाला था।
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यह बदलाव केवल पार्टी संगठन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कुछ मंत्रियों को भी सांगठनिक कामकाज में लगाया जा सकता है। लोकसभा चुनाव अब केवल पांच महीने दूर हैं।
हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता यह भी कह रहे हैं कि कांग्रेस का प्रदर्शन इतना बुरा नहीं रहेगा, जितना सर्वे में बताया जा रहा है।
साथ ही यह भी स्वीकार किया जा रहा है कि अगर दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हार मिली, तो साफ हो जाएगा कि देश में यूपीए विरोधी लहर चल रही है।
कांग्रेस, भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा हैं नतीजे
इस धड़े का मानना है कि 1-3 से हार हुई, तो पार्टी के लिए कुछ गुंजाइश बची रहेगी और वह लोकसभा चुनावों से पहले खुद को तैयार कर सकती है। नतीजा 2-2 रहा, तो कांग्रेस आक्रामक रुख दिखाएगी।
ऐसा होने पर पार्टी संगठन के साथ-साथ राहुल गांधी के नेतृत्व को मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही नरेंद्र मोदी पर हमला बोलने की रणनीति चमकाई जाएगी, जो भाजपा के स्टार प्रचारक रहे।