जल्द ही तीन बार रेड लाइट तोड़ने पर आपका ड्राइविंग लाइसेंस छिन सकता है। सड़क हादसे में केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की मौत से सबक लेते हुए मोदी सरकार सड़क यातायात को सुरक्षित बनाने में जुट गई है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पुराने मोटर वाहन कानून की जगह महीने भर के अंदर एक असरदार सड़क सुरक्षा कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। इसमें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने, ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने और सख्त सजा का प्रावधान होगा।
कानून का भय पैदा करना होगा
नितिन गडकरी का कहना है कि मौजूदा मोटर वाहन कानून के प्रति लोगों में न भय है और न ही सम्मान। इसकी जगह अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे छह देशों के कानूनों का अध्ययन कर नए कानून का मसौदा कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
गडकरी का कहना है कि सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर काम करेगी। गडकरी ने राज्यसभा से पास हो चुके मोटर वाहन संशोधन विधेयक, 2007 को भी खारिज कर दिया है।
देश में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले 1.38 लाख लोगों की संख्या में कमी लाने के लिए गडकरी ने एक व्यापक रोड मैप तैयार किया है। हर जिले में 10 से ज्यादा दुर्घटनाओं वाले ब्लैक स्पॉट का सर्वे कर ट्रैफिक इंजीनियरिंग की मदद से इन्हें दुरुस्त किया जाएगा।
बढ़ेगा हिट एंड रन में मरने वालों का मुआवजा
रेड लाइट पर होने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए मंत्रालय ने चौराहों पर कैमरा मॉनीटरिंग बढ़ाने और इन्हें आईटी सर्वर से जोड़ने की तैयारी कर ली है।
बृहस्पतिवार को मंत्रालय के आला अधिकारियों की बैठक में गडकरी ने सड़क सुरक्षा के मुद्दों को गंभीरता से लिया है। सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों के प्रति लापरवाह रवैया छोड़ने के लिए सड़क मंत्रालय एक व्यापक जागरूकता अभियान छेड़ेगा।
फर्जी तरीके से एक से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार इनके डेटा को एक नेशनल सर्वर से जोड़ेगी। सड़क सुरक्षा के नए कानून में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने, लाइसेंस रद्द करने और जेल भेजने के प्रावधान किए जाएंगे।
गडकरी ने यह भी बताया कि छह महीने के भीतर सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। साथ ही ओवर स्पीडिंग और शराब पीकर गाड़ी चलाने पर दस गुना ज्यादा चालान किया जाएगा। इसके अलावा हिट एंड रन केस में मरने वाले को मिलने वाला मुआवजा 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा।
'पीएम चाहें तो कराएं मुंडे की मौत की जांच'
गोपीनाथ मुंडे की मौत की सीबीआई से जांच की मांग पर नितिन गडकरी ने कहा है कि वह इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे। अगर प्रधानमंत्री चाहें तो इस मामले की जांच करा सकते हैं।
अगर किसी के मन में कोई शंका है तो दूर होनी चाहिए। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने गोपीनाथ मुंडे के साथ हुए सड़क हादसे की जांच कराए जाने की मांग की है।
महाराष्ट्र में मुंडे समर्थकों की ओर से भी यह मांग उठ रही है। गडकरी ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2002 से कार की पिछले सीट पर बेल्ट लगाना कानूनी तौर पर अनिवार्य है। गडकरी ने भी माना है कि अगर गोपीनाथ मुंडे ने सीट बेल्ट लगाई होती तो उनकी जान बच सकती थी।