आने वाला साल दोहरी खुशी लेकर आएगा। नए साल में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी दो बार होगा। 2015 में अकीदतमंद मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश मुबारक जनवरी और दिसंबर में भी मनाएंगे। 1852 से 2015 तक ऐसा मौका छह बार मिल चुका है। बत्तीस साल बाद 2047 में अकीदतमंदों को दोबारा दोहरी खुशी मनाने का मौका मिलेगा।
अल्ला के नबी के यौमे पैदाइश मुबारक महीने रबी-उल-अव्वल का आगाज हो गया है। इसके साथ ही मुबारकबाद का सिलसिला भी शुरू हो गया है। आने वाले साल में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी को दो बार मनाने का मौका मिलेगा, ये जानने के बाद अकीदतमंदों की खुशी दोगुनी हो गई है। 2015 में पहली बार चार जनवरी और दूसरी बार चौबीस दिसंबर को ईद मिलादुन्नबी का जश्न मनाया जाएगा।
अगर पुराने अंग्रेजी कैलेंडरों पर नजर दौड़ाए तो 1852 से 2015 तक छह बार ऐसा मौका आया है, जब मोहम्मद साहब का यौमे पैदाइश मुबारक एक ही साल में दो बार आया है। अकीदतमंदों को 2047 में भी दोहरी खुशी मनाने का मौका मिलेगा।