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मोदी के साथ राजेंद्र कुमार की निकटता जांच के दायरे में

Fri, 05 Jul 2013 03:31 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ कांड को लेकर विवादों में आए केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी के वरिष्ठ अधिकारी राजेंद्र कुमार की गुजरात पुलिस, मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह के साथ नज़दीकी भी उनके लिए मुसीबत बन रही है।
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सीबीआई तो कुमार के इन रिश्तों की जांच कर ही रही है, खुद आईबी में भी इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह जानकारी देने वाले सूत्रों का कहना है कि भले ही आईबी के निदेशक आसिफ इब्राहिम राजेंद्र कुमार के बचाव में सीबीआई पर दबाव बनाए हुए हैं, लेकिन आईबी के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी कुमार की कार्यशैली को लेकर उंगली उठा रहे हैं।

सीबीआई भी राज्य की भाजपा सरकार के साथ उनकी अति निकटता और फर्जी मुठभेड़ कांड में उनकी भूमिका की जांच और विश्लेषण कर रही है।

आईबी सूत्र बताते हैं कि आम तौर पर राज्यों में तैनात आईबी अधिकारी राज्य पुलिस और सरकार के साथ औपचारिक रिश्ता ही रखते हैं। वह अपने सूत्रों से खुफिया जानकारी जुटाकर सीधे आईबी निदेशालय को रिपोर्ट भेजते हैं।
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और अगर कोई ज्यादा विस्फोटक संवेदनशील सूचना हुई तो अनौपचारिक तौर पर राज्य पुलिस के शीर्ष स्तर पर उसकी जानकारी दे दी जाती है। जहां तक राज्य के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और अन्य राजनेताओं के साथ रिश्तों का सवाल है तो यह रिश्ते भी महज औपचारिक और प्रोटोकॉल निभाने वाले ही होते हैं।

लेकिन सीबीआई जांच के दौरान सामने आया है कि राजेंद्र कुमार न सिर्फ इशरत जहां मुठभेड़ कांड में आरोपित पुलिस अधिकारियों से निरंतर संपर्क में थे, बल्कि गुजरात में तैनाती के दौरान उनकी मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह समेत राज्य सरकार के कई मंत्रियों और भाजपा नेताओं से निकटता बढ़ गई थी।

सूत्रों का कहना है कि राजेंद्र कुमार के फोन कॉल्स के रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि होती है। कुमार की राजनीतिक मुलाकातों और रिश्तों की जानकारी आईबी मुख्यालय को भी है।

एक वरिष्ठ आईबी अधिकारी के मुताबिक खुफिया जानकारी जुटाने के लिए अधिकारियों के सबसे मिलना जुलना पड़ता है, लेकिन राजनेताओं के साथ एक निश्चित दूरी बनाए रखना और उनके साथ जरूरत से ज्यादा रिश्ते न रखने में ही समझदारी है।

सीबीआई यह जांच कर रही है कि जिस तरह इशरत जहां मुठभेड़ कांड को अंजाम दिया गया, क्या कुमार के इन सियासी रिश्तों का उससे कोई संबंध है, या ये रिश्ते महज उनके लंबे कार्यकाल की वजह से बन गए थे।
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