वायु सेना प्रमुख एअर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन ने कहा है कि पाकिस्तान साफ-साफ सुन ले कि यदि उसने सीमा पर तनाव कम करने की भारत की कोशिशों को कम करके आंका और अपनी करतूतें जारी रखी तो उसे सबक सिखाने के ‘सारे रास्ते’ खुले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संघर्ष विराम के उल्लंघन जैसी हरकत के बाज नहीं आया तो उसे सबक सिखाने के लिए भारत को ‘सभी विकल्प’ खोलने होंगे।
उल्लेखनीय है कि एलओसी पर पाकिस्तान की शैतानी करतूतों से पैदा तनाव को कम करने की भारत की कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। दोनों सेनाओं की बीच स्थिति की साफगोई के लिए भारत की ओर से बिग्रेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग की पेशकश का पाकिस्तान ने जवाब नहीं दिया है। पाक सैन्य अधिकारी भारतीय सेना की ओर से हाटलाईन पर किए कॉल भी नहीं उठा रहे।
समीक्षा के लिए रक्षा मंत्री एके एंटनी ने शनिवार को सेना प्रमुख, रक्षा सचिव और मिलिट्री ऑपरेशन के महानिदेशक (डीजीएमओ) की बैठक बुलाई। वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शिव शंकर मेनन और रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा से चार दिन के अंदर दूसरी बार एलओसी की रिपोर्ट मंगाई।
प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम के ताजा उल्लंघनों और सीमा पर तनाव की स्थिति का पूरा ब्यौरा लिया। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक सरकार पाकिस्तान को खुली चुनौती देने से पहले तनाव कम करने की सभी कोशिशों को अंजाम देना चाहती है। यही वजह है कि थल सेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने पाकिस्तानी सेना की भारतीय जवान के सिर काट लेने के बर्बर कुकृत्य के बावजूद कोई बयान नहीं दिया है।
जबकि सेना की तीनों विंग के प्रमुखों में सबसे वरिष्ठ एयर चीफ मार्शल ब्राउन ने शनिवार को कहा कि भारत-पाक के बीच एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा है जिस पर संघर्ष विराम का करार है। इसे निभाने की व्यवस्था और जिम्मेदारियां हैं, जिसे पूरी पवित्रता और ईमानदारी से निभाना चाहिए। पाकिस्तान की करतूत किसी तरह स्वीकार्य नहीं है।
ब्राउन के मुताबिक पूरे हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है। पाकिस्तान जल्द अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो भारत को सभी विकल्प खोलने होंगे। हालांकि उन्होंने सैन्य विकल्प की खुल कर बात नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास सभी विकल्प हैं जिन पर सरेआम चर्चा नहीं की जा सकती। अगर उल्लंघन जारी रहा तो पूरी स्थिति पर फिर से गौर करने पर सरकार को मजबूर होना पड़ेगा।
भारत ने दो दिन पहले पाकिस्तान से फ्लैग मीटिंग की पेशकश की थी। इसके अलावा उरी-चकंदाबार और तंधर-बलनोई के बीच लगे हॉटलाईन पर कई बार बात करने की कोशिशें की गई। लेकिन इस पर अब तक पाकिस्तान की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।