अपनी अमेरिका यात्रा से पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अंग्रेजी चैनल को अपना पहला इंटरव्यू दिया। उनका यह इंटरव्यू पत्रकार फरीद जकारिया ने लिया।
मोदी के इंटरव्यू से फरीद जकारिया इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने ब्लॉग में मोदी को सबसे तेज दिमाग वाला नेता कहा। इतना ही नहीं उन्होंने अपने ब्लॉग के माध्यम से ऐसी कई बातें लिखी हैं जो प्रधामंत्री मोदी के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती हैं।
उन्होंने मोदी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए लिखा है कि 'अब तक मैं जिन नेताओं में से मिला हूं उनमें 64 वर्षीय मोदी सबसे ज्यादा ऊर्जावान, दूरगामी सोच का और बहुत ही सकारात्मक सोंच के नेता दिखे हैं।
उन्होंने लिखा है कि उन्होंने मोदी को मिलने से पहले अंडरएस्टीमेट किया था (कम करके आंका था) लेकिन मिलने के बाद उनके विचार बिल्कुल बदल गए।
मुस्लिमों पर बयान से चर्चा में रहा यह इंटव्यू
नरेंद्र मोदी के साथ हुआ फरीद जकारिया का यह इंटरव्यू इस वजह से ज्यादा चर्चा में रहा कि मोदी ने मुसलमानों को लेकर ऐसा बयान दिया जो उनके ही पार्टी नेताओं की विचारधारा से एकदम अलग है।
इस इंटरव्यू में मोदी ने भारत में अलकायदा के पांव पसारने के प्रयासों के सवाल पर कहा कि भारतीय मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश का मुसलमान देश के लिए जिएगा और देश लिए मरेगा।
इसलिए बयान को लेकर राजनीतिक विश्लेषक मोदी की एक ऐसे वक्त में अच्छी पहल बता रहे हैं जब उनकी ही पार्टी के कुछ नेता लोगों के बीच में लव जेहाद जैसे मुद्दों को ज्यादा तूल देकर समाज को संप्रदायिक रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
कुछ लोग इसे अमेरिका जाने से पहले वहां के मुसलमानों को खुश करने के रूप में देख रहे हैं क्योंकि अमेरिका में काफी संख्या में मुसलमान रहते हैं। हालांकि उनके इस बयान के बाद पक्ष-विपक्ष के कई नेताओं और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
'मोदी ड्रामा नहीं करना चाहते'
फरीद जकारिया ने मोदी के बारे में आगे कहा है कि मोदी ड्रामा करने यानी दिखावे पर भरोसा नहीं करते। नरेंद्र मोदी कहने की बजाए करने में भरोसा करते हैं। जकारिया ने लिखा है कि मोदी को लोगों का स्पष्ट समर्थन मिला है। कुछ समय पहले अमेरिका ने उन्हें वीजा देने से मना किया था इसे लेकर भी उनके मन में कोई बुरा भाव नहीं है।
उन्होंने लिखा है कि मोदी अखंड भारत के नेता बनना चाहते हैं। मोदी जाति और धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति नहीं चाहते।
गौरतलब है कि मोदी 29 सितंबर को अपनी दो दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुंच रहे हैं जहां भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। बराक ओबामा से मोदी की यह पहली मुलाकात होगी।