गरबा पंडालों के लिए बीजेपी विधायक की हिदायतों को इंदौर और उज्जैन के प्रशासन ने लागू कर दिया है। बीजेपी विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा था कि बिना पहचान पत्र देखे पुरुषों को गरबा उत्सवों में प्रवेश नहीं दिया जाए। गरबे में प्रवेश से पहले सभी को अपना पहचान पत्र दिखाना जरूरी है। संस्थान पहचान पत्र देखने के बाद ही पुरुषों को गरबे में प्रवेश करने दें।
ऐसा पहली बार हो रहा है जब प्रशासन की तरफ से इस तरह के निर्देश दिये गए हैं।
एडीएम आशीष सिंह का कहना है कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है। उज्जैन के एसपी राजीव दावर ने कहा कि गरबा कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों के साथ-साथ सभी दर्शकों के पास भी पहचान पत्र होना जरूरी है।
राजीव ने बताया गरबा कार्यक्रम के कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिये गए हैं कि वह रात 11 बजे तक कार्यक्रम का समापन कर दें। साथ ही कार्यक्रम में संगीत की ध्वनि को भी कम रखें।
गरबा संस्था के कर्मचारी केवल उन्हीं दर्शकों को कार्यक्रम में प्रवेश दें जिनके पास एंट्री कार्ड हो। इन्दौर, मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा शहर है। सभी पुरुषों को कार्यक्रम के दौरान अपने पास पहचान पत्र रखने की सलाह दी गई है। साथ ही कर्मचारियों को सीसीटीवी केमरों पर भी निगरानी रखने के लिए कहा है।