लोकसभा चुनावों के इतिहास में ये पहला मौका होगा जब प्रधानमंत्री पद की दावेदार प्रमुख हस्तियों का जन्म आजाद भारत में हुआ है।
15वीं लोकसभा के चुनावों तक प्रधानमंत्री पद के ज्यादातर दावेदार गुलाम भारत में पैदा हुए थे। इसके अलावा इस चुनाव में प्रमुख पार्टियों की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए मैदान में उतारे गए नेता गर्व से कह रहे हैं कि उनके साथ मां का आशीर्वाद है।
मेरे पास भी मां है
भाजपा के नरेंद्र मोदी तो हर बड़े अभियान की तरह इस बार भी पीएम उम्मीदवार घोषित होने के बाद मां हीराबेन का आशीर्वाद लेने गए थे।
कांग्रेस के राहुल गांधी को पीएम बनवाने के लिए उनकी मां सोनिया गांधी हर जतन कर रही हैं। वहीं आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को प्रधानमंत्री पद पर पहुंचाने के लिए उनकी मां गीतारानी दिन-रात दुआ करती हैं।
पहली बार होगा ऐसा
ये पहली बार होने वाला है कि इस बार प्रधानमंत्री पद की कुर्सी पर कोई स्वतंत्र राष्ट्र में पैदा हुआ शख्स ही बैठेगा। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तक सभी का जन्म उस वक्त हुआ, जब भारत माता गुलामी की बेड़ियों में जकड़ी हुई थीं।
वहीं भाजपा की ओर से घोषित पीएम इन वेटिंग नरेंद्र मोदी हों या कांग्रेस के अघोषित प्रधानमंत्री पद के दावेदार राहुल गांधी या स्वयंभू प्रधानमंत्री पद के दावेदार जेडीयू नेता नीतीश कुमार, आप नेता अरविंद केजरीवाल, टीएमसी सुप्रीमो ममता दीदी, सभी स्वतंत्रता के उजियारे और खुली हवा की पैदाइश हैं। इनमें नरेंद्र मोदी का जन्म (17 सितंबर 1950), राहुल गांधी (19 जून 1970), नीतीश कुमार (1 मार्च 1951) और अरविंद केजरीवाल (16 अगस्त 1968) का है।
अब तक बने पीएम गुलाम भारत में पैदा हुए
प्रधानमंत्री-------जन्म
पं.जवाहर लाल नेहरू (तीन बार)-------14 नवंबर 1889
लाल बहादुर शास्त्री-------2 अक्तूबर 1904
जीएल नंदा (दो बार कार्यवाहक)-------4 जुलाई 1898
इंदिरा गांधी-------19 नवंबर 1917
मोरारजी भाई देसाई-------29 फरवरी 1896
चौ.चरण सिंह-------23 दिसंबर 1902
राजीव गांधी-------20 अगस्त 1944
वीपी सिंह-------25 जून 1931
चंद्रशेखर-------17 अप्रैल 1927
पीवी नरसिम्हाराव-------28 जून 1921
एचडी देवगौड़ा-------18 मई 1933
आईके गुजराल-------4 दिसंबर 1919
अटल बिहारी (तीन बार)-------25 दिसंबर 1924
मनमोहन सिंह (दो बार)-------26 सितंबर 1932