लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस मुख्यालय की तस्वीर और नजारा कुछ बदला बदला है। दरअसल, कांग्रेस मुख्यालय के अंदर का नजारा हो या फिर टिकट बंटवारे की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के अंदर की तस्वीर, चर्चा इस बात पर है कि टिकटार्थियों का हुजूम इस बार पार्टी से कटा हुआ है।
नेता और कार्यकर्त्ता इसे लेकर पार्टी के खिलाफ नकारात्मक माहौल के संकेत मान रहे हैं। जबकि कई वरिष्ठ नेता तर्क दे रहे हैं कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने टिकट बंटवारे की ऐसी प्रणाली बना दी है कि अब लोगों को लगने लगा है कि कांग्रेस मुख्यालय या फिर बड़े नेताओं की गणेश परिक्रमा से टिकट नहीं मिलने वाला।
'मीडिया को लग रहा है ऐसा'
तमाम राज्यों की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में भी यह बात सामने आ रही है कि इस बार टिकट के लिए आवेदन करने वालों की संख्या कम हुई है। इस बारे में कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने कहा कि ऐसी बात नहीं है।
मीडिया को ऐसा लग रहा हो, लेकिन पार्टी के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। वह कहते हैं कि जिस तरह से दिल्ली में आम आदमी पार्टी और भाजपा की विफलता को जनता ने देखा है। उसके बाद लोगो में यह भरोसा आया है कि कांग्रेस ही एक स्थिर सरकार जनता को दे सकती है।
यूपी में नहीं आए ज्यादा आवेदन
कांग्रेस के एक अन्य महासचिव सी पी जोशी कहते है कि राहुल गांधी ने स्क्रीनिंग कमेटी और केंद्रीय चुनाव समिति की प्रणाली को दुरुस्त किया है। इससे कमजोर और फर्जी उम्मीदवारों के लिए टिकट पाना बहुत कठिन है। मगर अंदरखाने पार्टी की गिरती सेहत को लेकर पार्टी के नेता दबी आवाज में मानते है।
यही नहीं पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्त्ता भी इसे स्वीकारते हैं। उत्तर प्रदेश से आए एक कार्यकर्त्ता नवीन शर्मा कहते हैं कि महंगाई को लेकर कांग्रेस से ज्यादा लोग नाराज हैं। वह कहते हैं कि कांग्रेस के अधिवेशन में 9 से 12 रसोई गैस के सिलेंडर करने के बावजूद लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ है।
उत्तर प्रदेश से ही दयाशंकर मिश्रा कहते हैं कि पिछली बार के मुकाबले मुश्किलें ज्यादा है। महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर लोगों में ज्यादा गुस्सा है।
यूपी में 80 सीटों के लिए सिर्फ 650 आवेदन
उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीट के लिए लगभग 650 आवेदन मिले। जबकि पिछली बार यह आंकड़ा दो हजार से ऊपर था। टिकट बांटने वाले पदाधिकारी भी इस आंकड़े से हैरान हैं। महाराष्ट्र में एनसीपी से गठबंधन के बाद कांग्रेस कोटे की 27 सीटों के लिए सिर्फ 80 आवेदन मिले हैं। इससे पहले यह आंकड़ा 200 से ज्यादा था। मध्य प्रदेश में 29 सीटों के 100 से ज्यादा आवेदक आए हैं।