फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैंने सोनिया गांधी के इशारे पर नहीं किया कोई काम: आजाद

विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा से निलंबित सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने उनके ऊपर लगातार लग रहे आरोपों का खंडन किया है। आजाद ने कहा कि वह सोनिया गांधी के इशारे पर कोई काम नहीं किया बल्कि एक खिलाड़ी होने के मुताबिक ऐसी धांधलियों के खिलाफ आवाज उठाया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं कि मैंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इशारे पर लोकसभा में सवाल उठाए। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। भाजपा के प्रवक्ता मीडिया में कुछ इसी तरह के आरोप लगा रहे हैं लेकिन मैं उनको बताना चाहता हूं कि लोकसभा की नियमावली के मुताबिक संसद में बोलने का अधिकार सिर्फ उसी को मिलता है जिसे सदन के अध्यक्ष ने अनुमति दी हो।

उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रवक्ता बिना मुझसे बात किए ही मेरे ऊपर ऐसे फिजुल के आरोप लगा रहे हैं। ऐसे आरोप लगाकर वे सदन के अध्यक्ष की गरिमा को भी धूमिल कर रहे हैं। अध्यक्ष के अनुमति के बाद ही उन्होंने लोकसभा में दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में हुए कथिततौर पर भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था।
विज्ञापन

विज्ञापन

जेटली पर लगे हैं आरोप

आजाद ने कहा कि मुझे मीडिया के माध्यम से ही इस तरह के आरोपों की बात पता चली इसलिए मीडिया के माध्यम से ही इसका जवाब देना उचित होगा। उन्होंने कहा कि डीडीसीए में हुए घोटाले की जांच के लिए उन्होंने जो आवाज उठाई थी वह आगे भी जारी रहेगी।

गौरतलब है कि भाजपा ने डीडीसीए घोटाले में वित्त मंत्री अरुण जेटली का कथित तौर पर नाम आने के बाद कीर्ति आजाद को डीडीसीए में हुए भ्रष्टाचार के मामले को ठंडे बस्ते में डालने की बात कही थी। लेकिन जब आजाद ने पार्टी की बात को अनसुना कर दिया तो उन्हें पार्टी ने निलंबित कर दिया।

हालांकि, उनके निलंबन पर पार्टी के कई बड़े नेताओं ने अपना विरोध भी जताया और इस मामले में सामुहिक राय नहीं लेने की बात भी कही। पार्टी के मार्गदर्शक मंडल के कई सदस्यों ने इस फैसले को गलत करार देते हुए इससे पार्टी की छवि धूमिल करने वाला फैसला बताया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें