पुणे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी से गैंगरेप और हत्या के तीन साल बाद क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी योगेश राउत को पकड़ने में कामयाबी पाई।
लेकिन पूछताछ में उसने पुलिसकर्मियों को यह कहकर हैरत में डाल दिया कि उसे अपने किए पर कोई 'अफसोस' नहीं है। उसने कहा, 'मुझे रेप करने की आदत हो गई है।'
गिरफ्तारी के बाद राउत सामान्य दिख रहा था। वह लगातार उन मीडियाकर्मियों को देख रहा था, जो उसे कैमरे में कैद करने के लिए जूझ रहे थे।
पुलिसकर्मियों के बीच वह इस तरह शांत दिख रहा था, जैसे उसने कभी कुछ गलत किया ही नहीं है।
योगेश राउत की गिरफ्तारी के बाद इस मामले की सुनवाई में रफ्तार आने की उम्मीद है। राउत के खिलाफ सुनवाई 19 मई, 2012 को तीन अन्य आरोपियों से अलग हो गई थी।
जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपी महेश ठाकुर और विश्वास कदम के खिलाफ मामला जारी है। एक अन्य आरोपी राजेश चौधरी बाद में सरकारी गवाह बन गया था।
तीनों आरोपियों के खिलाफ 12 जनवरी 2010 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। राउत पुलिस हिरासत से फरार होने में कामयाब रहा, जिसके बाद चौधरी ने सरकारी गवाह बनने की अर्जी दाखिल की।