बाढ़ के चलते आई मुसीबत की घड़ी में यहां के हैदरपुरा क्षेत्र की जामा मस्जिद सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बनी हुई है। मस्जिद में नमाज पढ़ने के अलावा बाढ़ में अपने घर से दूर हुए लोगों को सिर छुपाने की जगह भी मिल रही है।
इन लोगों में बड़ी संख्या में हिंदू भी शामिल हैं। घाटी में सैंकड़ों लोगों के लिए यहां राहत शिविर लगाए गए हैं और उनके लिए खाने के इंतजाम किए जा रहे हैं। इनमें बहुत से ऐसे हिंदू लोग हैं, जो बाहरी राज्यों से यहां काम करने के लिए आए हुए हैं।
इन सभी ने इसी मस्जिद में शरण ली हुई है। मस्जिद तक बाढ़ का पानी नहीं पहुंच सका है। यहां शरण लेने वाले लोगों के पास खौफ और दहशत की अपनी एक कहानी है।
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