आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में हुए दोहरे बम विस्फोट मामले में आठ दिन बाद भी जांचकर्ताओं के हाथ खाली हैं। इस बीच प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के दो आतंकियों को दिल्ली की तिहाड़ जेल से शनिवार को हैदराबाद लाया गया। इन दोनों से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पूछताछ की है। इन पर इलाके की रेकी करने का आरोप है।
21 फरवरी को हुए आईईडी विस्फोट मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस धमाके में 16 लोग मारे गए थे और 117 लोग घायल हुए थे। वर्ष 2012 में पुणे ब्लास्ट मामले में गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में बंद इमरान खान और सैयद मकबूल को दिल्ली कोर्ट की इजाजत के बाद हैदराबाद लाया गया।
कोर्ट ने इन दोनों से पूछताछ के लिए एनआईए को इनकी पांच दिन की हिरासत में दिया है। एनआईए ने कोर्ट को बताया था कि वह इन दोनों को हैदराबाद लेकर जाएगी और उसने धमाके बारे में और अधिक सुराग बता लगाने के लिए पूछताछ करेगी। एनआईए का आरोप है कि मकबूल और खान ने पिछले साल जुलाई में दिलसुखनगर इलाके की रेकी की थी।
सूत्रों ने बताया कि दोनों एनआईए की हिरासत में हैं और दोनों से पूछताछ की जा रही है। एनआईए के मुताबिक, हैदराबाद बम धमाके पाकिस्तान में बैठे आईएम के संस्थापक रियाज भटकल के निर्देश पर किए गए और इन दोनों से पूछताछ से इस साजिश का खुलासा हो सकता है।