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जब केजरीवाल के ट्वीट पर ट्वीट से बीजेपी के अंदर मचा हड़कंप

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को 10.29 मिनट पर ट्ववीट किया, "मोदी कायर और मनोरोगी हैं।" इससे पहले वो दो ट्वीट कर चुके थे। पहले ट्वीट में उन्होंने अपने दफ्तर में पड़े सीबीआई के छापे की जानकारी दी थी और दूसरे ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि मोदी उनसे राजनीतिक तरीके से नहीं लड़ पा रहे हैं, इसलिए कायरता दिखा रहे हैं।
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केजरीवाल के एक के बाद एक आए तीन ट्वीट्स ने हंगामा खड़ा दिया। दिल्ली सचिवालय में पड़े छापे की गूंज संसद में सुनाई दी, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, जदयू समेत सभी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

केजरीवाल के ट्वीट्स की धमक अकबर रोड स्थित बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के घर में भी सुनाई दी। बीजेपी आलाकमान में हड़कंप मच गया।

शाह ने संसद जाकर बड़े नेताओं से की मुलाकात

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को कायर और मनोरोगी कहा था। ट्वीट्स का‌ प्रिंटआउट उसी समय भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिया गया। वे अकबर रोड स्थित अपने घर में बने पार्टी दफ्तर में बैठे थे। भाजपा केजरीवाल के ट्वीट पर हो रहे हंगामे से निपटने की रणनीति पर विचार करने लगी।

आम आदमी पार्टी और केंद्र में लगातार ठनी हुई है। पिछले साल फरवरी में सत्ता संभालने के बाद से ही अरविंद केजरीवाल और भाजपा, एक दूसरे की आंखों की किरकिरी बनी हुई हैं।

केजरीवाल के ट्वीट का राजनीतिक निहितार्थ समझते हुए अमित शाह ने संसद का रुख किया। वे सीधे गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दफ्तर पहुंचे। तक तक केंद्रीय मंत्री (राज्य स्तरीय) जितेंद्र सिंह मीडिया को ये बता चुके ‌थे कि सीबीआई के छापे को दिल्ली के मुख्यमंत्री के कार्यालय से कोई लेनादेना नहीं है। बल्‍कि छापा मुख्यमंत्री के प्रधानसचिव के दफ्तर में पड़ा है।

कांग्रेस नेता भी केजरी की भाषा से थे नाराज

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में भी इसी 'लाइन' पर जवाब दिया था। संयोगवश, उस समय तक कांग्रेस के कई नेता भी अंदरखाने में केजरीवाल के शब्दों के निंदा कर चुके थे। इं‌डियन एक्सप्रेस के मुताबिक, केरला से कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ''ये देश के  लिए हितकर नहीं है।''

अमित शाह ने केजरीवाल के बयानों के बाद भाजपा की रणनीति तय करने के लिए अरुण जेटली और सुषमा स्वराज से भी मुलाकात की। उस समय तक नरेंद्र मोदी को भी मामले की जानकारी दी जा चुकी थी। वे केरल के दौरे पर थे।

भाजपा केजरीवाल के शब्दों से भौंचक्की थी, लेकिन अगले दो घंटों मे पार्टी ने हमलों का जवाब देना शुरु कर दिया। 1.30 बजे से 2.30 बजे के बीच शाह ने मीडिया को यही बताया कि पार्टी के भीतर सबकुछ 'सामान्य' है। और उसी दरम्यान भाजपा की मशीनरी को तैयार किया गया कि वो दिल्ली सचिवालय में पड़े छापों को उच‌ित बताना शुरु करे।
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बीजेपी को नकली लगा केजरी का गुस्सा

राजेंद्र कुमार पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कार्यकाल में भी भ्रष्‍टाचार के आरोप लग चुके हैं।

दीक्षित के साथ काम कर चुके कांग्रेस नेता ने बताया कि कुमार के एक बढ़िया अधिकारी माना जाता था। हालांकि जब वे वैट विभाग में कार्यरत थे उस समय शीला दीक्षित को उनके खिलाफ शिकायतें मिलीं। कांग्रेस व‌ि‌‌भिन्न सूत्रों से उसी समय उनकी केजरीवाल की नजदी‌कियों का भी पता चला।

भाजपा के सूत्रों ने बताया कि उन्हों भरोसा था कि मौजूदा छापों के बाद सीबीआई केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का ठोस केस बना लेगी। पार्टी सूत्रों ने कहा कि केजरीवाल का गुस्सा नकली था। उनका राजनीतिक जीवन दो ही मुद्दों पर टिका है, पहला भ्रष्टाचार विरोध और दूसरा झुग्गियों-बस्तियों में रहले वाले गरीबों का वोट। वे दोनों ही दोनों ही मुद्दों को हाथ से निकलता देख गुस्से का दिखावा कर रहे थे।
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