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अब हॉटलाइन पर बात करेंगे मोदी और ओबामा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा अब सुरक्षित हॉट लाइन के जरिए एक दूसरे से बात कर सकेंगे। दोनों देशों के बीचसुरक्षित हॉट लाइन सेवा चालू हो गई है।
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इसके अलावा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के सुरक्षा सलाहकारों के बीच भी हॉटलाइन लाइनें शुरू हो गई है।

एचटी की खबर के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के विशेष सलाहकार पीटर आर लैवॉय ने बताया कि हाल ही में दोनो देशों के बीच यह हॉटलाइन संचार सेवा चालू की गई है। पीटर ने बताया कि अभी हॉटलाइन का उपयोग नहीं किया गया है।

मालूम हो कि बराक ओबामा बीते 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे, उस दौरान हॉटलाइन पर विचार कर इसे शुरू करने का निर्णय लिया गया। हालांकि दोनों नेताओं के द्वारा अभी इस हॉटलाइन का इस्तेमाल नहीं किया गया।
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क्या है हॉटलाइन

ओबामा के विशेष सलाहकार पीटर आर लैवॉय ने कहा कि हॉटलाइन का संबंध संकट प्रबंधन फोन या प्रणाली से है। कहा कि यह दो बेहद करीबी साझेदारों के बीच एक सुरक्षित लाइन होती है।

जिसके जरिए वे राष्ट्रीय प्रमुख स्तर पर अपने विचार व्यक्त कर सकें और आपसी वास्तविक समस्याओं को सुलझाने में एक दूसरे का सहयोग कर सकें।

पीएम मोदी और बराक ओबामा के बीच हॉटलाइन चालू होने के साथ ही भारत चौथा ऐसा देश बन गया है जिसके साथ यह संचार सुविधा शुरू हुई है। इससे पहले रूस, ब्रिटेन और चीन के साथ अमेरिका ने हॉटलाइन स्थापित की है।

किसी देश के साथ भारत की पहली हॉटलाइन सेवा
मालूम हो कि भारत में राष्ट्र प्रमुख के स्तर की यह पहली हॉटलाइन है। भारत और पाकिस्तान ने वर्ष 2004 में विदेश सचिवों के स्तर पर हॉटलाइनें स्थापित करने पर सहमति जताई थी और वर्ष 2010 में नई दिल्ली और बीजिंग ने विदेश मंत्री स्तर पर एक हॉटलाइन स्थापित की थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच हॉटलाइन की स्थापना अमेरिकी सेना की मदद से की गई थी। वहीं भारत-चीन के बीच अभी हॉटलाइन चालू होनी बाकी है।
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सितंबर में मिलेंगे मोदी ओबामा

पीएम मोदी और अमरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के संयुक्त प्रयासों से दुनिया के दो बड़ी डेमोक्रेसी के बीच हॉटलाइन स्‍थापित हुई है। हॉटालइन स्‍थापना का उदे्श्य दोंनो देशों के बीच अहम द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर संचार को बढ़ावा देने के लिए किया गया।

गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर भारत दौरे पर आए ओबामा और मोदी के बीच नई दिल्ली में 25 जनवरी को एक बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा गया कि दोनों के बीच विश्वास बढ़ाने और आपसी संबधों की मजबूती के लिए यह निर्णय लिया गया।

नई दिल्ली में हुई बैठक में दोनों देशों के नेताओं ने बार बार बैठकें करने का निर्णय लिया था। पीएम मोदी और ओबामा के आगामी सितंबर में न्यूयार्क में मिलने की संभावना है। बताया गया कि इस दौरान मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के वाषिर्क सत्र में भाग लेने के लिए अमेरिका जाएंगे।
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