जयपुर में होस्टल संचालक द्वारा गरीब बच्चियों से दुराचार करने का सनसनीखेज मामला समाने आया है। बच्चियों की शिकायत पर पुलिस ने संचालक को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया।
अदालत ने उसे पुलिस रिमाण्ड पर भेजा तथा उसकी पत्नी को न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिए। इधर, पुलिस ने बिना पंजीकरण के चल रहे होस्टलों की जांच-पड़ताल तेज कर दी है।
पुलिस के अनुसार जयपुर के तारा नगर में जॉनसन व उसकी पत्नी गरीब बच्चियों के लिए मर्सी होम नाम से होस्टल चला रहे थे। सात व ग्यारह वर्षीय दो बच्चियों ने बुधवार को आपबीती स्कूल शिक्षिकाओं को बताई थी, जिससे मामला झोटवाड़ा थाने में दर्ज कर लिया।
मामले की जानकारी होने के बाद भी संचालक की पत्नी ने बच्चियों को धमकाया और मामला छिपाया। होस्टल में 19 बालिकाएं रहती हैं, पास के सरकारी स्कूल में पढ़ती हैं। इनमें से दो बच्चियों से वह दो वर्षों से दुराचार कर रहा था। होस्टल की सभी बच्चियों अब समाज कल्याण विभाग के छात्रावास में भिजवाया गया है।
पुलिस के अनुसार यह छात्रावास अवैध रूप से संचालित है। छात्रावास जेजे एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होने चाहिए। बच्चों को छात्रावास में प्रवेश के लिए बाल कल्याण समिति का आदेश जरूरी होता है।