राजस्थान में निकाय चुनाव के तहत भाजपा अपनी नैया पार करवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आश्रित है। प्रचार अभियान में मोदी के नाम का सहारा लेकर प्रत्याशी वोट मांग रहे हैं।
राजस्थान में भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार बने एक साल होने का आया, लेकिन निकाय चुनाव में गिनाने के लिए उपलब्धियों की कमी नजर आ रही है। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कांग्रेस के प्रचार की कमान सम्भाल रखी है।
राजस्थान में जयपुर, जोधपुर सहित 46 निकायों में चुनाव हैं और मतदान 22 नवम्बर को होगा। प्रचार के लिए कांग्रेस और भाजपा जोर-शोर से जुट गए हैं। भाजपा को निकाय चुनाव में भी मोदी के नाम का जादू चलने की उम्मीद है। पोस्टरों में मोदी छाए हुए हैं।
भाजपा प्रत्याशी यह कहकर वोट मांग रहे हैं कि भाजपा को जिताकर निकाय, राज्य सरकार और केन्द्र सरकार के साथ कड़ी से कड़ी मिलाएं, जिससे विकास गली-गली पहुंच सके। भाजपा प्रत्याशी जीत के लिए केन्द्र सरकार की स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं का प्रचार कर रहे हैं।
इधर, गहलोत और पायलट यह कहते हुए कांग्रेस का प्रचार कर रहे हैं कि भाजपा सरकार अब तक विफल रही है। ये सरकार नि:शुल्क दवा व जांच योजना सहित जनकल्याणकारी योजनाओं को भाजपा बेहतर तरीके से नहीं चला पा रही। साथ ही, कांग्रेस आरोप लगा रही है कि भाजपा सरकार में अपराध बढ़ गए हैं और कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है।