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क्या मोदीराज में हो रहा है 'सिस्टम का बलात्कार'?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघीय ढांचे को मजबूत करने की दलील देते हुए 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से योजना आयोग का ख्रत्म करने की घोषणा की थी। लेकिन उन्हीं प्रधानमंत्री पर महज 6 दिनों बाद 'संघीय ढांचे का बलात्कार' करने का आरोप लग गया।
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ऐतिहासिक बहुमत के साथ सत्ता में आए प्रधानमंत्री के खिलाफ 'ऐतिहासिक' निर्णय लिया गया। विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने मुख्यमंत्रियों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल न होने का आदेश दिया।

प्रधानंमंत्री के समक्ष मुख्यिमंत्रियों की बार-बार हो रही हूटिंग का ही नतीजा था कि गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण ने नागपुर मेट्रो परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम कार्यक्रम का बहिष्कार किया। मोदी कार्यक्रम में मौजूद थे। प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री चह्वाण को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में होना चाहिए था।
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चह्णाण ने चार मिनट में ही खत्म किया था भाषण

हालांकि प्रोटोकॉल के तकाजों के बावजूद ये नौबत क्यों आई है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को प्रोटोकॉल को उल्‍लंघन करना पड़ा। एक अन्य राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री को ये कहना पड़ा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में 'सिस्टम का बलात्कार' किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की हूटिंग का पहला वाकया गत शनिवार को सोलापुर में आयोजित कार्यक्रम में सामने आया था। पृ‌‌थ्वीराज चह्वाण के भाषण के बीच में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी-मोदी के नारे लगाए ‌थे।

भाजपा कार्यकर्ताओं की हूटिंग से असहज होकर चह्णाण ने महज चार मिनट में ही अपना भाषण खत्म कर दिया था।

कैथल में सरकारी कार्यक्रम बना ‌दिया चुनावी रैली

19 अगस्त को कैथल में आयोजित कार्यक्रम में फिर ये वाकया दोहराया गया। कैथल में सड़क परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में हरियाण के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की हूटिंग की गई।

केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम को चुनावी रैली में तब्दील कर दिया गया। कार्यक्रम पूरी तरह से सरकारी था, जहां 160 किमी के हाईवे को फोरलेन बनाने की परियोजना का शिलान्यास किया जाना था।

हालांकि राज्य में हाने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का टिकट पाने की इच्छा रखने वाले नेताओं ने इसे राजनीतिक कार्यक्रम में बदल दिया। कार्यक्रम में टिकट पाने के खा‌तिर भाजपा नेताओं ने अपने दमखम का प्रदर्शन करने के लिए आसपास के जिलों से भी भीड़ बुलाई।

हुड्डा के भाषण के दौरान इसी भीड़ में शामिल लोगों ने 'मोदी-मोदी' के नारे लगाए। उसी के बाद हु्ड्डा ने ये घोषणा की वे मोदी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन की हूटिंग की

हुड्डा की हूटिंग के बाद कांग्रेस ने अपनी पार्टी के मुख्यमंत्रियों को सलाह दी कि, अगर जरूरी न हो तो प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शामिल न हों। हालांकि राजनीतिक हलके में कांग्रेस की सलाह की आलोचना भी हुई।

संघीय ढांचे और प्रोटोकॉल के लिहाज से इसे ठीक नहीं बताया गया। लेकिन गुरुवार को रांची में भी सोलापुर ओर कैथल जैसा वाकया दोहराया गया। रांची में प्रधानमंत्री मोदी के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हूटिंग की।

हेमंत सोरेन ने फिर भी प्रोटोकॉल की खातिर प्रधानमंत्री कार्यक्रम में अंत तक रहना मुनासिब समझा। कार्यक्रम खत्म होने के बाद उन्होंने मोदी को विदाई भी दी।
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कार्यकर्ताओं के लिए खाने के पैकेट भी बनवाए

हालांकि कार्यक्रम के बाद झामुमो ने प्रधानमंत्री और भाजपा पर हमला बोल दिया। झामूमो ने धमकी दी कि मोदी अगरे सोरेन की हूटिंग के लिए माफी नहीं मांगते हैं तो झारखंड में किसी केंद्रीय मंत्री को घुसने नहीं दिया जाएगा।

हेमंत सोरेन ने हूटिंग को अपना अपमान बताते हुए इसे 'सिस्टम का बलात्कार' करार दिया। झामूमो नेता सुब्रतो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया क‌ि भाजपा ने सरकारी कार्यक्रम को राजनीतिक रैली बना दिया।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम केंद्र सरकार था, लेकिन इसके प्रचार के ‌लिए भाजपा ने प्रदेश भर में होर्डिंग लगाए। भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए खाने के पैकेट भी बनवाए थे।
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