समलैंगिकता के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि यह एक आयातित बीमारी है, जिसके इलाज की जरूरत है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंपे ज्ञापन में विहिप ने कहा है कि सरकार की ओर से इस आयातित बीमारी को फैलने से रोकने के उपाय करने की जरूरत है।
विहिप के मुताबिक शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाकर और नैतिक शिक्षा अनिवार्य कर इस बीमारी को रोका जा सकता है।
समलैंगिकता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए फैसले की हो रही आलोचना को हास्यास्पद बताते हुए विहिप ने कहा है कि यह भारतीय संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है।