केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने चिटफंड घोटाले में पूर्व मंत्री मतंग सिंह की गिरफ्तारी में अड़ंगे डालने के आरोप लगने के बाद इस्तीफा दे दिया है। सरकार ने अपनी ओर से आरोप की पुष्टि करने के बाद गोस्वामी को पद से इस्तीफा देने के लिए कहा था। पिछले महीने 60 साल के हो चुके गोस्वामी का कार्यकाल 30 जून तक था।
जिन सूत्रों ने गोस्वामी को हटाने की खबर दी थी उन्होंने बाद में बताया कि गोस्वामी को सम्मान के साथ हटाने के लिए उनसे इस्तीफा मांगा गया। गोस्वामी 1978 बैच के जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस अफसर थे और उन्हें यूपीए के कार्यकाल में गृह सचिव बनाया गया था।
गोस्वामी पर चिटफंड घोटाले में पूर्व मंत्री मतंग सिंह की गिरफ्तारी में अड़चन डालने का आरोप था। गोस्वामी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने यह कुबूल किया था कि जब सीबीआई की टीम मतंग को गिरफ्तार करने पहुंची तो उन्होंने एजेंसी के अधिकारियों से बातचीत की थी। गृहमंत्री ने इस मामले की पूरी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को दी थी। इस सूचना के मिलते ही पीएमओ ने बुधवार को उनको हटाने के फैसले पर मुहर लगा दी।
गृह मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि गोस्वामी ने कई दलीलें दे कर नाराज राजनाथ सिंह से कुछ समय मांगा था ताकि उन्हें सरकार के शीर्ष पद से इज्जत के साथ जाने का मौका मिले। लेकिन सीबीआई निदेशक अनिल सिन्हा की ओर से राजनाथ को दी गई जानकारी ने गोस्वामी के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी।