केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार के गृह मंत्रालय ने आधार कार्ड को लेकर अपने पुराने रुख से पलटी मार ली है। आधार को पते के रूप में मान्यता देने पर आपत्ति जताने वाले गृह मंत्रालय ने अब इसकी अहमियत को स्वीकार कर लिया है।
उसने साफ किया है कि आधार कार्ड किसी भी व्यक्ति के लिए सार्वभौमिक पहचान का काम करेगा। मंत्रालय ने इसी संदर्भ में सभी राज्य सरकारों को पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि आधार कार्ड से कभी भी, कहीं भी किसी भी तरह से इसके लाभार्थियों को इसके प्रमाणन में मदद मिलेगी।
हालांकि यूपीए सरकार के दौरान गृहमंत्री रहे पी. चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे ने भारतीय विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडीएआई) के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाए थे। उस दौरान मंत्रालय ने लोगों की ओर से कार्ड बनाने के लिए पहचान और पते की जानकारी के लिए पेश किए गए दस्तावेजों पर सवाल खड़े किए थे।