केंद्र सरकार के बडे़ बाबुओं को भी बदलाव की बयार दिखने लगी है। वे भी मानने लगे हैं कि अब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन करीब है।
यही वजह है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नरेंद्र मोदी की सुरक्षा पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। अब मोदी के भोजन से पहले उसकी पूरी जांच होती है।
अभी तक राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री आदि वीवीआईपी के लिए ही सुरक्षा का इस तरह का प्रावधान है। एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो की सुरक्षा घेरे में चलने वाले मोदी को पहले से जेड प्लस सुरक्षा मिली है।
लेकिन भाजपा की पटना रैली के बम धमाकों के बाद केंद्र सरकार ने उनके सुरक्षा इंतजाम और कड़े कर दिए थे। अब लोकसभा चुनाव शुरू होने के बाद उनका भोजन भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर से होकर गुजर रहा है।
घर का ही खाना खाते हैं मोदी
मोदी के करीबी लोग बताते हैं कि वह घर का ही खाना खाते हैं। वह सुबह लगभग पांच बजे उठ जाते हैं और नियमित व्यायाम व योग करते हैं। फिर चुनाव प्रचार पर निकल जाते हैं।
दिनभर उड़न खटोलों से देशभर में प्रचार के बाद रात बिताने गांधीनगर ही पहुंचते हैं। इन दिनों व्यस्तता के चलते घर या रैली से जहाज या हेलीकॉप्टर तक पहुंचने के बीच में फोन पर बात कर पाते हैं।
कई टीमें होने के बावजूद वे हर चीज की खुद मॉनीटरिंग करते हैं। गुजरात से चलते वक्त उनके काफिले में तीन-चार लोग होते हैं, लेकिन बाद में राज्यों में पहुंचकर यह बढ़ जाता है।
मोदी को पसंद है गुजराती खिचड़ी
वैसे तो मोदी गांधीनगर स्थित अपने सरकारी आवास में बना भोजन ही लेते हैं, वे कहीं भी रहें टिफिन वहां पहुंचा दिया जाता है। लेकिन उसे ग्रहण करने से पहले उसकी विधिवत जांच होती है।
मोदी पूरी तरह से शाकाहारी हैं, उन्हें उत्तर-दक्षिण के सभी तरह के भोजन पसंद हैं। लेकिन गुजराती खिचड़ी खासतौर पर लेते हैं।
खास बात यह है कि वे जहां भी रहें उन्हें देश-दुनिया में बदलते घटनाचक्र से लेकर चुनावी गतिविधियों से लेकर पार्टी के चुनाव प्रचार को लेकर अपडेट किया जाता है।
गुजरात और दिल्ली में इसके लिए कई तरह की टीमें हैं। मसलन, चुनावी जंग में किस पार्टी ने क्या नया किया अथवा बोला, उसे तैयार करने की एक टीम है। वह अपना इनपुट मोदी तक भेजती है, यदि वे मंच पर हैं तो कागज की चिट पर लिखकर लगातार दिया जाता है।