अपने अजीबोगरीब बयानों से कई बार यूपीए सरकार की किरकिरी करा चुके गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे बृहस्पतिवार को लोकसभा में फिर एक चूक कर बैठे।
दरअसल, शिंदे ने लोकसभा में श्रीनगर में हुए आतंकवादी हमले के संबंध में बयान देते हुए लिखित वक्तव्य के एक पेज को दो बार पढ़ दिया।
पास बैठे वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने उन्हें इसका अहसास भी कराया। इसके बावजूद उन्होंने उनके इशारे को अनसुना कर वक्तव्य पढ़ना जारी रखा।
इस बीच कुछ भाजपा सदस्यों ने अपने स्थान से खड़े होकर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बयान को दोबारा पढ़ा जा रहा है। विपक्षी सदस्यों के विरोध से बेखबर शिंदे अपने बयान को दोबारा पढ़ते रहे।
इसी बीच लोकसभा के एक अधिकारी उठकर उनके पास गए और उनसे कहा कि वह इसे दोबारा न पढ़ें। अधिकारी ने उनका लिखित बयान ले लिया।
सदन में हंगामा बढ़ता देख सत्ता पक्ष की ओर से सफाई दी गई कि उन्होंने अपने बयान के पहले हिस्से को दोबारा इसलिए पढ़ा क्योंकि सदन में शोरगुल होने के कारण सदस्य उनके बयान को सुन नहीं पाए थे।
गृहमंत्री से महीने भर मे यह तीसरी गंभीर चूक हुई है। कुछ हफ्ते पहले शिंदे ने राज्यसभा में महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन बच्चियों के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में बयान देते हुए पीड़ित बच्चियों के नामों का खुलासा कर दिया था।
इससे पूर्व उन्होंने आतंकी हाफिज सईद को उसके नाम के आगे श्री लगाकर संबोधित किया था। कुछ इसी तरह की गलती दो वर्ष पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी हुई थी। उन्होंने वाशिंगटन में पुर्तगाली विदेश मंत्री का भाषण पढ़ना शुरू कर दिया था।