नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाने का खुला संकेत देते हुए भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने फैसला लिया है कि नक्सलियों से किसी तरह के समझौते का रास्ता नहीं अपनाया जाएगा।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यूपीए सरकार की नक्सलियों से बातचीत नहीं करने की नीति को आगे बढ़ाने बढ़ाते हुए नक्सलियों को चेताया है कि अगर वह हमले करते हैं तो उन्हें सुरक्षा बलों की कड़ी जवाबी प्रतिक्रिया झेलनी होगी।
नक्सल इलाकों में गए गृहमंत्री
शुक्रवार को गृहमंत्री ने दस नक्सल प्रभावित राज्यों के हालात का जायजा लिया। अब केंद्र नक्सल प्रभावित इलाकों से गुजरने वाली सड़कों के निर्माण के काम काम को निचले स्तर तक खुद संचालित करने का फैसला लिया है।
नक्सल प्रभावित इलाकों के आदिवासियों को जमीन का पट्टा मुहैया कराने के महत्वपूर्ण फैसले के साथ राजनाथ सिंह ने कहा कि इन इलाकों में सड़क का बनना सैन्य कार्रवाई से भी ज्यादा जरूरी है।
अधिकारियों के संग बैठकों का दौर शुरू
नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना पर काम कर रहे गृह मंत्रालय ने इन राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और मुख्य सचिवों को दिल्ली तलब किया था।
नॉर्थ ब्लाक में गृहमंत्री से साथ हुई करीब चार घंटे की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में आईबी ने अपने प्रजेंटेशन में कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में बिहार और झारखंड लगातार सबसे कमजोर कड़ी साबित हो रहे हैं।
राज्यों की जाएगी पूरी मदद
आईबी के मुताबिक इस काम में महाराष्ट्र और ओडिशा का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है। हालांकि आईबी छत्तीसगढ़ को लेकर भी बहुत खुश नहीं है। बैठक में नक्सल विरोधी अभियान को लिए छत्तीसगढ़ को दो हेलीकॉप्टर देने का फैसला लिया गया।
एनडीए सरकार की नक्सल संबंधी इस पहली बैठक में गृहमंत्री को ऑपरेशन की जटिलता और फोर्स में व्याप्त कमियों से भी अवगत कराया गया। गृहमंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि अगर मंत्रालय कड़े फैसले लेने को तैयार हैं तो नक्सल का जड़ से सफाया करना मुश्किल काम नहीं।
ग्रेहाउंड्स की तर्ज पर बनेंगे विशेष दस्ते
राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद साफ किया कि आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउंड्स की तर्ज पर नक्सल रोधी विशेष दस्ते अन्य राज्यों में भी बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बिहार, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में इस विशेष दस्ते को तैयार करने का सारा खर्च केंद्र उठाएगा।
बैठक में गृहमंत्री ने सभी राज्यों को नक्सलियों से निपटने के लिए एक जैसी और मजबूत एप्रोच अपनाने को कहा है। राज्यों ने भी केंद्र सरकार को पूरा समर्थन देने का भरोसा जताया है।