बिहार का बाटी चोखा हो या फिर गुजरात का ढोकला। ट्रेन में सफर के दौरान इस तरह के व्यंजन जल्द ही यात्रियों को उपलब्ध होंगे। खास बात यह कि इन व्यंजनों को कोई मल्टी फूड चेन नहीं बल्कि स्थानीय लोग ही यात्रियों के लिए तैयार करेंगे।
रेलवे की तैयारी है कि सफर के दौरान यात्रियों को घर में बने भोजन का स्वाद मिले। इसके लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने महिला स्वयं सहायता समूहों से करार की तैयारी की है ताकि इन समूहों द्वारा तैयार भोजन ट्रेनों में ई-कैटरिंग के माध्यम से मिल सके।
शुरुआत में इस व्यवस्था का लाभ इलाहाबाद, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी समेत 45 रेलवे स्टेशनों पर मिलेगा।
केएफसी, डोमिनोज, विम्पी, मियो अमोरे, टीएफएस, कैफे लाइट, हैली करी आदि फूड चेन के साथ करार के बाद आईआरसीटीसी ने भारतीय देसी फूड को बढ़ावा देने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ करार की तैयारी की है।
इन 45 स्टेशनों पर रहेगी व्यवस्था
इसके तहत पैनल में शामिल स्वयं सहायता समूहों को उनके मेन्यू और मूल्यों के साथ ई कैटरिंग की वेबसाइट में शामिल किया जाएगा ताकि यात्री स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले भोजन या खाद्य वस्तुओं का आर्डर दे सके।
आईआरसीटीसी के प्रबंध निदेशक डा.एके मनोचा के मुताबिक स्वयं सहायता समूहों के साथ प्रस्तावित करार, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा वहीं यात्रियों को ट्रेन में स्थानीय स्वाद के साथ उनकी पसंद का भोजन उपलब्ध हो सकेगा।
इलाहाबाद, हावड़ा, सियालदाह, गुवाहाटी, न्यूजलपाईगुड़ी, पटना, भुवनेश्वर, विशाखापट्टनम, मुगलसराय, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ जंक्शन, वाराणसी, जयपुर, बिलासुपर, खड़गपुर, गोरखपुर, आनंद विहार टर्मिनल, हजरत निजामुद्दीन, नई दिल्ली, दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़, लुधियाना, सिकंदराबाद, तिरुपति, विजयवाड़ा, चेन्नई सेंट्रल, चेन्नई एग्मोर, एर्णाकुलम जंक्शन, कोझीकोड, मदुराई जंक्शन, त्रिचूर, तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, बंगलूरू सिटी, यशवंतपुर, नागपुर, पुणे, आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी, भोपाल, अहमदाबाद, मुंबई सेंट्रल, सूरत, बड़ोदरा।
‘आईआरसीटीसी भोजन बनाने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ ई-कैटरिंग का करार की तैयारी में है। इससे यात्रियों को आसानी से स्थानीय भोजन उपलब्ध हो जाएगा। ’- संदीप दत्ता, पीआरओ, आईआरसीटीसी