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होली खेलने पर मिली थी इंदिरा गांधी को सजा

Thu, 28 Mar 2013 10:19 AM IST
विजय जैन
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इलाहाबाद के कान्वेट स्कूल में पढऩे वाली वो दस साल की मासूम बच्ची थी। होली पर चूंकि ज्यादा मौज-मस्ती का मौका मिलता है, इसलिए इस त्योहार से कुछ ज्यादा लगाव था। खूब जमकर होली खेली। अगले दिन जब ये मासूम बच्ची स्कूल पहुंची तो हाथों पर लगे रंग को देखकर उसे खूब डांटा गया और सजा के रूप में बैंच पर खड़ा कर दिया गया। ये मासूम बच्ची कोई और नहीं बल्कि देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी थीं। बचपन में उनका पसंदीदा त्योहार होली था।
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ये बात उसे जमाने की है जब देश गुलाम था और हर भारतीय त्योहारों को कांवेंट स्कूलों में नापंसद किया जाता था। 25 अप्रैल 1975 को इंदिरा गांधी ने अपने पत्र में खुद होली खेलने पर मिली सजा का उल्लेख किया है। वह उस समय देश की प्रधानमंत्री थीं।

ये पत्र उन्होंने शहर में रहने वाले वरिष्ठ अफसरों को लिखा था। ये अफसर उस समय एक मैजीन में काम किया करते थे। इंदिरा गांधी से उन्होंने पत्र लिखकर पूछा था कि क्या उन्हें स्कूल में कभी सजा भुगतनी पड़ीं इंदिरा गांधी ने पत्र में दो संस्मरणों का उल्लेख किया, जिसमें एक होली से जुड़ा है।
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पत्र में उन्होंने कहा कि जब वे दस वर्ष की थी तो इलाहाबाद के कांवेट स्कूल में पढ़ती थी। उस जमाने में प्रत्येक भारतीय चीजों को नापंसद किया जाता था। होली का त्योहार जब आया तो वह घर पर ही रुक गई। रंगों का त्योहार खूब खेला। जब स्कूल गई तो हाथों में रंग देख खूब डांटा गया और बैंच पर खड़ा कर दिया गया।
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