मेरठ में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा लगाने की घोषणा कर चौतरफा विवादों में घिरी हिंदू महासभा नगर विकास मंत्री आजम खान के दरबार में पहुंच गई है। महासभा के प्रभारी और नगर अध्यक्ष की तरफ से भेजे पत्र में आजम खान से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है। पत्र में प्रधानमंत्री के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए संगीन आरोप लगाए हैं। वहीं, मेरठ पुलिस पर आरोप हैं कि वह भाजपाइयों के दबाव में काम कर रही है।
शारदा रोड स्थित अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रभारी पंडित अशोक शर्मा और नगर अध्यक्ष भरत राजपूत की तरफ से आजम खान को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया कि हम महासभा के कार्यालय में गोडसे की प्रतिमा लगा रहे थे। लेकिन पुलिस भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के इशारों पर हमारा उत्पीड़न कर रही है। भाजपा के नगर सेठ हिंदू महासभा के 60 साल पुराने कार्यालय को नष्ट करने पर तुल गए हैं।
पत्र में कहा गया कि आजम खान ने भाजपा की भागीदारी वाले बूचड़खाने से मेरठ को छुटकारा दिलवाया। इस कारण हम प्रार्थना करते हैं कि हमें अपने कार्यालय में कार्य करने की स्वतंत्रता प्रदान की जाए और अधिकारियों को निर्देश दें कि वे भाजपाइयों को संरक्षण प्रदान न करें।
इस पत्र के संबंध में इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी ब्रजमोहन यादव का कहना है कि गोडसे की प्रतिमा नहीं लगने दी जाएगी। पुलिस की तरफ से पहले ही महासभा के कार्यालय को विवादित स्थल मानते हुए इसे कुर्क करने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है। प्रतिमा के लगने से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का अंदेशा है। इसलिए पुलिस पहले ही मुचलका पाबंद की कार्यवाही कर चुकी है।
गौरतलब है कि महासभा के कार्यालय पर गोडसे की प्रतिमा लगाने के लिए भूमिपूजन किया जा चुका है। महाभाग के पदाधिकारियों ने महात्मा गांधी के प्रति अमर्यादित बातें कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की थी। थाना ब्रह्मपुरी पुलिस इस मामले में केस भी दर्ज कर चुकी है।
शारदा रोड पर रहेगी धारा 144
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी के अनुसार जिला प्रशासन को विवादित स्थल कुर्क करने के साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि 30 जनवरी को विवादित स्थल और उसके आसपास धारा 144 लागू करने की घोषणा की जाए। गौरतलब है कि हिंदू महासभा ने 30 जनवरी को ही प्रतिमा लगाने की घोषणा की है।