राजधानी, शताब्दी और दुरंतो से यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर और बोझ पड़ सकता है।
रेलवे ने इन ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव किया है। रेल मंत्रालय पिछले ही साल इन ट्रेनों को छोड़कर अन्य में भोजन की दरों में संशोधन कर चुका है।
प्रस्ताव के अनुसार, एसी द्वितीय, तृतीय और चेयर कार की श्रेणी के यात्रियों के लिए खाद्य सामग्री में बढ़ोतरी अधिकतम और एसी प्रथम में न्यूनतम की जाएगी।
राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की टिकट के प्राइज में ही भोजन और स्नैक्स के चार्ज जुड़े होते हैं।
रेल मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि अभी यह फैसला लिया जाना है कि क्या प्रमुख ट्रेनों के किराये में बढ़ोतरी किए बिना भोजन प्रभार को संशोधित किया जाए या फिर इसे टिकट में ही जोड़ दिया जाए और किराये में वृद्धि की अनुमति दी जाए।
यदि टिकट दर को शामिल कर टैरिफ संशोधन का ऐलान किया जाता है तो शताब्दी, दुरंतो और राजधानी ट्रेनों के किराये में वृद्धि होगी जोकि 22 जनवरी के बाद दूसरी बार होगा।
रेलवे ने पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के कार्यकाल के दौरान एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी को फूड क्वालिटी में सुधार और भोजन की दरों में संशोधन का सुझाव देना था।
कमेटी ने प्रमुख ट्रेनों के एसी द्वितीय, तृतीय और चेयर कार के यात्रियों के लंच और डिनर के लिए भोजन के रेट 88 रुपये से 125 रुपये करने की सिफारिश की है। जबकि एसी प्रथम और एक्जीक्यूटिव श्रेणी में मात्र 13 रुपये की वृद्धि की बात कही है।
ब्रेकफास्ट के दामों में एसी प्रथम में 24 रुपये और अन्य श्रेणी के यात्रियों के लिए 31 रुपये की वृद्धि की जा सकती है। प्रमुख ट्रेनों के भोजन की दरों में पिछले 10 सालों से भी अधिक वक्त से कोई बदलाव नहीं किया गया।
पिछले साल दिसंबर में राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों को छोड़कर अन्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भोजन की दरों में संशोधन किया गया था। पैनल ने फूड टैरिफ में बढ़ोतरी की सिफारिशों को वर्तमान रेल मंत्री सीपी जोशी के सामने पेश किया गया।