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प्याज के आंसू बने कांग्रेस के लिए सिरदर्द

Tue, 13 Aug 2013 06:02 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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प्याज के बढ़ते दाम जहां आम आदमी की आंखों में बिना काटे आंसू ला रहे हैं वहीं इससे यूपीए सरकार के कर्ताधर्ताओं के माथे पर भी पसीना आ गया है।
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पिछले साल पड़े सूखे और इस साल हुई भारी बारिश ने प्याज की फसल को नुकसान पहुंचाया है जिसके चलते प्याज दिल्ली में तो क्या महाराष्ट्र में भी महंगा हो गया है।

दिल्ली में प्याज 70 से 80 रुपए किलो तक बिक रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आगामी कुछ दिनों में प्याज के दाम 100 रुपए किलो तक जा सकते हैं। जैसे-जैसे प्याज के दाम बढ़ रहे हैं लोगों का सरकार के खिलाफ गुस्सा भी बढ़ रहा है।
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पढ़ें: प्याज से भी सस्ता बिक रहा सेब
1998 में प्याज की बढ़ी हुई कीमतों को मुद्दा बनाकर शीला दीक्षित ने भाजपा से दिल्ली की सत्ता छीनी थी। इतिहास को ध्यान में रखकर प्याज के बढ़ते दाम से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने सस्ते दाम पर प्याज के स्टॉल लगाना शुरु कर दिया है।

100 रुपए किलो तक हो सकते हैं दाम
खुदरा विक्रेताओं का मानना है कि प्याज के दाम अभी और बढ़ेंगे। आजादपुर खुदार बाजार के अध्यक्ष सुरेंद्र बुद्घिराजा का कहना है कि इस समय आजादपुर में प्याज के दाम 50 रुपए किलो है लेकिन यह हालात नहीं सुधरे तो दाम 100 रुपए किलो तक बढ़ सकते हैं।

आजाद मार्केट के अलावा आईएनए मार्केट में 75 से 80 रुपए, गोल मार्केट में 70-80 रुपए, ग्रीन पार्क में 60-80 रुपए और मुखर्जी नगर में 60 से 70 रुपए किलो की कीमत पर प्याज बिक रहा है।

बुद्घिराजा का यह भी कहना है कि प्याज की मांग और पूर्ति में अंतर होने के चलते भी मांग बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि बाजार में प्याज कम पहुंच रहा है। खराब मौसम के कारण भी प्याज के ट्रक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

पढ़ें: 'तेरे पास क्या है? मेरे पास एक किलो प्याज है'
राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान और विकास संस्थान के अनुसार आजाद मार्केट में प्याज के दाम 10 रुपए ये बढ़कर 50 से 55 रुपए किलो पर पहुंच गए हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का कहना है कि प्याज जल्द खराब हो जाता है इसलिए उसकी कीमत में उतार-चढ़ाव रहता है। उनकी इस पर लगातार नजर है।

उधर केंद्रीय कृषिमंत्री शरद पवार का कहना है कि सरकार प्याज के दाम गिराने में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

महाराष्ट्र में ढाई साल में सबसे ज्यादा कीमत
नासिक में भी हालात बहुत बुरे हैं। यहां के एशिया के सबसे बढ़े प्याज के खुदरा बजार लासलगांव में प्याज की कीमत पिछले तीन दिनों में 40 प्रतिशत तक बढ़कर 46 रुपए किलो हो गई हैं। ये कीमत पिछले ढाई सालों में सबसे ज्यादा है।
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लासलगांव बाजार के निदेशक जयदत्त होल्कर ने कहा कि पिछले साल आए सूखे के कारण प्याज की पैदावार 25 प्रतिशत तक घट गई है।

हालांकि सितंबर-अक्टूबर तक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से प्याज की नई खेप आने से कीमतों में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्याज की वजह से हुई इंदिरा की वापसी
प्याज ने अकेले भाजपा को ही नहीं रुलाया केंद्र से जनता पार्टी की सरकार को भी सत्ता से बाहर करने में भी इसका अहम रोल रहा।

गैरकांग्रेसी सरकार के बाद वर्ष 1980 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लोकसभा चुनाव जीतकर फिर से सत्ता में आई थी। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को प्याज दिखाया था और कहा था कि जो सरकार इस सब्जी के दाम नियंत्रित नहीं रख सकती उसे सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।

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