झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने कहा कि एक अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार अभियोजित नहीं किया जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने सीबीआई की दलील पर दो धाराओं के तहत यादव के खिलाफ सुनवाई जारी रखने की बात मान ली है।
न्यायाधीश आरआर प्रसाद की पीठ ने लालू प्रसाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 201 और 511 के तहत कार्यवाही जारी रखने का आदेश दिया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के खिलाफ मुख्यमंत्री रहते धोखाधड़ी करके 96 लाख रुपये निकालने के आरोप में केस चल रहा है।
न्यायालय ने यादव के खिलाफ आईपीसी की कई अन्य धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा के तहत कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 300 और संविधान के अनुच्छेद 22 के तहत राहत दी है। सीबीआई की अदालत में 30 सितंबर को दोषी ठहराए जाने के बाद लालू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।