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AAP की सादगी और शोएब की बदमाशी

Fri, 03 Jan 2014 03:52 PM IST
ब्यूरो, टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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दिल्ली विधानसभा यूं तो इससे पहले कई गर्मागर्म सत्रों की गवाह बन चुकी है, लेकिन गुरुवार को जो हुआ, वो पहले कभी नहीं हुआ। आम आदमी पार्टी के विश्वास मत प्रस्ताव के दौरान देश भर का मीडिया दिल्ली विधानसभा को दिन भर लाइव कवर करता रहा।
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अगर मीडिया ने साथ दिया, तो दिल्ली असेंबली ने भी निराश नहीं किया। टीआरपी बटोरने वाली कई घटनाएं परोसी। जनता दल युनाइटेड के विधायक शोएब इकबाल ने गुस्से में कोट उतारकर पटका और दूसरों को ललकारा। वहीं कांग्रेसी नेता अरविंदर सिंह लवली ने डॉ. हर्षवर्धन को 'इन वेटिंग' का तंज थमा दिया।

विधानसभा में दिन भर हाई वॉल्टेज ड्रामा चलता रहा। आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने अपने-अपने खास अंदाज में पक्ष रखा। एक-दूसरे पर शब्दबाण चलाए गए, दुश्मनों के बीच दोस्ती दिखी और नई सरकार को सलाह भी खूब दी गई। आइए जानें विधानसभा में गुरुवार को घटी अनोखी बातें।
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शोएब इकबाल ने दिखाई 'बदमाशी'

जनता दल यू के इकलौते विधायक शोएब इकबाल दोपहर बाद करीब 5:10 बजे विधानसभा में बोल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष डॉ. हर्षवर्धन को एक शपथ की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने तो राम मंदिर बनाने तक की शपथ खा रखी है, लेकिन अभी तक समय नहीं बताया है।

इस पर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताई। इसके बाद कश्मीर को लेकर शोएब ने भाजपा पर टिप्पणी की तो भाजपा विधायक आरपी सिंह ने शोएब को हाथ नीचे रखने की बात कहते हुए गुंडा बताया। इससे गुस्से में आकर शोएब ने कोट उतारकर फेंक दिया और आरपी सहित भाजपा विधायकों को ललकारते हुए दो-दो हाथ कर लेने की चेतावनी दी।

इतना ही नहीं खुद को सबसे बड़ा गुंडा बताते हुए वेल की तरफ आगे बढ़ने लगे। विधानसभा अध्यक्ष मतीन अहमद सदन कार्रवाई लाइव होने का हवाला देते हुए दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश रहे। उन्होंने कहा, ‘सदन कोई अखाड़ा नहीं है, यहां कपड़े उतारने की जरूरत नहीं है।’

डॉक्टर को असेंबली में याद आए मोदी

सदन में बहस के दौरान भारतीय जनता पार्टी भी आम आदमी पार्टी के लगातार बढ़ते प्रभुत्व को लेकर कुछ दबाव में दिखी। भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्धन अपने भाषण में भ्रष्टाचार पर कांग्रेस और उसका समर्थन लेने को लेकर आम आदमी पार्टी को घेरने की कोशिश की।

विधानसभा चुनाव से राजनीति की किताब में जुड़े ‘आप’ के नए अध्याय के बाद मिशन 2014 की छाप विधानसभा में विश्वास मत के दौरान देखने को मिली। भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन ने विश्वास मत के दौरान नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनना तय बताकर और आप को कई सवालों में घेरकर मिशन 2014 को साधने की शुरुआत की।

उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी ने तमाम दावों को किनारे रखते हुए भ्रष्ट कांग्रेस से हाथ मिलाकर सरकार बनाई है, लेकिन कल को जब मोदी की अगुवाई में भाजपा दूसरे दलों के साथ मिलकर केंद्र में सरकार बनाने की कोशिश करेगी, तो उस पर सवाल उठाया जाएगा।

लवली का तीर, भाजपा के जिगर के पार

नए-नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बने अरविंदर सिंह लवली ने भाषण देने को लेकर धमाकेदार एंट्री की। उन्होंने अपने भाषण में भाजपा पर जमकर हमला बोला और साथ ही साथ केजरीवाल को भी मशविरा दे गए। भाजपा पर उनकी खास कृपा बरसी और उन्होंने गिन-गिन कर तंज कसे।

अरविंदर सिंह लवली की बोलने की बारी आई तो वह बोले, "जैसे दिल्ली में भाजपा का विधायक सीएम इन वेटिंग ही रह गया, ऐसे ही मोदी रहने वाले हैं।’

लवली ने तंज कसते हुए कहा ‌कि यह विधानसभा इससे पहले भी भाजपा से मदनलाल खुराना, विजय कुमार मल्होत्रा, विजय गोयल और डॉ. हर्षवर्धन को भी सीएम बनते देख चुकी है। यह सब इन वेटिंग ही रह गए। इसी तरह केंद्र में मोदी भी इन वेटिंग ही रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठने का दर्द भाजपा को ईश्वर ने दिया है। जिसने दर्द दिया है, वही दवा करेगा। तब तक सब्र करें।

केजरीवाल गाएं गाना, ‘ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे...’

पूरी कार्यवाही के दौरान हंसी मजाक और शेरो-शायरी का दौर चलता रहा। सदस्यों के भाषण के दौरान ऐसी बातें निकलती कि पूरा सदन ठहाका मारकर हंस पड़ता। इस पर अध्यक्ष को शांत कराना पड़ता। इसकी शुरुआत भाजपा नेता रामबीर सिंह बिधूड़ी ने की।

कांग्रेस के समर्थन से बनी ‘आप’ की सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘अरविंद जी, इंसान का इंसान से हो भाई चारा छोड़ दो..., अब फिल्म शोले का गाना ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे.... गाना शुरू कर दो। अब इसे नहीं गा सकते तो तोता मैना की कहानी पुरानी हो गई... गाना शुरू कर दो।’

इस पर पूरा विपक्ष हंस पड़ा। इसी दौरान जब बिधूड़ी ने मानसरोवर पार्क की झुग्गियों के टूटने पर मुख्यमंत्री के मौके पर न जाने का सवाल किया तो पीछे बैठे एक सदस्य ने कहा, ‘वहां मेट्रो नहीं जाती जी, मुख्यमंत्री साहब वहां कैसे जाएंगे।’

शोएब बताएं, सांड हैं या सदस्य?

कार्यवाही के दौरान जब निर्दलीय विधायक रामवीर शौकीन विधानसभा अध्यक्ष की सीट के सामने से गुजर गए तो एक सदस्य ने आपत्ति की। इस पर पिछली सीट पर बैठे एक विधायक ने कहा, ‘जाने दो, अभी बच्चा है। धीरे-धीरे सीख जाएंगे।’

शोएब इकबाल के एक बयान पर भी जमकर हंसी हुई। बात-बात में उन्होंने कहा कि वह सांड हैं, जहां भी रहेंगे, अकेले ही रहेंगे। इस पर भाजपा विधायकों ने हंसी उड़ाई। विस अध्यक्ष ने कहा कि आपत्ति क्या, शोएब भाई अपने को ही कह रहे हैं।

इस पर भाजपा विधायक कुलवंत राणा ने हंसी उड़ाते हुए कहा, ‘अध्यक्ष महोदय, पहले शोएब बताएं कि वह सांड हैं या सदस्य। सदस्यता तभी मानी जाएगी।’ इस पर स्पीकर ने भी मजाक के लहजे में कहा, ‘हां, इसकी जांच के लिए कमीशन बैठाएंगे।’ इतना सुनते ही सभी विधायक एक साथ हंस पड़े।

हर्षवर्धन के केजरीवाल से सवाल

1. केजरीवाल कहते हैं सारी राजनीतिक पार्टियां भ्रष्ट हैं, उनकी ही पार्टी ईमानदार है। लेकिन कांग्रेस से समर्थन लेेने में कोई ऐतराज नहीं करते।
2. मेट्रो से मैं और मेरे बच्चे भी जाते हैं, लेकिन मीडिया साथ नहीं होती। मेट्रो में मीडिया साथ लाकर कानून की छज्जियां क्यों उड़ा दी।
3. सुरक्षा नहीं लेने की बात करते हैं, बावजूद तीन लेयर की सिक्योरिटी है। वजह क्या है कि रामलीला मैदान में 4000 पुलिस कर्मी लगाए गए।
4. मुफ्त पानी की घोषणा तो सरकार ने की, लेकिन उन घरों का क्या होगा जिनके यहां मीटर नहीं लगे हैं।
5. जनता का ही पैसा जनता की जेब से निकालकर बिजली कंपनियों की जेब में क्यों डाला जा रहा है।
6. केजरीवाल बंगला न लेने की बात करते हैं, जबकि मुझे जानकारी है कि उनके लिए तिलक नगर में दो बड़े फ्लैट रिजर्व किए गए हैं।
7. शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर सीएनजी के दाम कैसे बढ़ गए। सीएनजी के दाम पहले भी बढ़ते थे लेकिन इतनी कीमत पहली बार बढ़ी है।
8. शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के एनजीओ ने विदेशों से करोड़ों का चंदा क्यों लिया है। पार्टी चलाने के लिए विदेशों से चंदा क्यों लिया जा रहा है।
9. इनकम टैक्स कमिश्नर के पद से इस्तीफा दिया। कहा वहां करोड़ों कमा सकते थे। जबकि आईआरएस एसोसिएशन ने बताया कि वे कभी कमिश्नर नहीं थे। सच क्या है, जनता जवाब चाहती है।
10. सरकार बताए बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर, सीएनजी और पानी के बढ़े दाम कब वापस होंगे?
11. आप ने कहा कि हमारे मंत्री लाल बत्ती नहीं लगाएंगे। यह नहीं बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही बत्ती न लगाने का आदेश दिया हुआ है। दिल्ली में विधायक पहले भी लाल बत्ती नहीं लगा सकते थे।

अरविंद केजरीवाल को ‘लवली’ नसीहत

अरविंदर सिंह लवली ने सरकार चलाने के अनुभव का हवाला देकर केजरीवाल से कहा, आप काफी जल्दबाजी में हैं, संभलकर चलिए। अफरशाही में न फंसें। ये गलत सलाह दे देंगे। मैं ये बातें इसलिए नहीं कह रहा हूं कि आपकी आलोचना करना चाहता हूं। पानी फ्री में देने की बात की है बहुत कम लोगों को फायदा होगा।

जिनका वोट लेकर पहुंचे हैं, उनका पानी और महंगा हो गया है, क्योंकि मीटर वाले उपभोक्ता सिर्फ 4.5 लाख हैं। इनमें पॉश कालोनियों के कनेक्शनधारी ज्यादा हैं। अरविंदर सिंह ने कहा कि आप ने बिजली पर सब्सिडी दी है। ये तो हमने भी दी। आप 200 करोड़ सब्सिडी की बात कर रहे हैं। जबकि 315 करोड़ रुपये तीन महीने में लगेंगे।

अरविंदर सिंह ने केजरीवाल को सदन की महत्ता भी समझाई। बिना सदन को बताए आप सब्सिडी कैसे दे सकते हैं। सब्सिडी का ऐलान कैसे कर सकते हैं। सदन सबसे उच्च है आपको अपने कार्यक्रम लागू करने के लिए सदन की अनुमति जरूरी होगी। जिन अधिकारियों ने यह राय दी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

असेंबली के भीतर लगा जाम

कभी खाली दर्शक दीर्घा वाली विधानसभा में खचाखच भीड़ थी। अरविंद केजरीवाल के विश्वास मत में विधायकों की प्रतिक्रिया, अरविंद की एक झलक और उनका भाषण सुनने को लालायित दो-तीन पीढ़ी की जनता विधानसभा पहुंची। उत्साहित भीड़ पास बनवाने के लिए बाहर भी घूमती रही। जिन्हें मौका नहीं मिल सका, वह लाइव वेबकॉस्ट से जुड़ गए।

विधानसभा के इतिहास में पहली बार दर्शक दीर्घा के लिए करीब 300 पास बनाए गए। ऐसा नहीं है कि थोड़ी देर देखकर दर्शक चले गए, बल्कि जितनी देर कार्यवाही चली, जमें रहे। पत्रकारों के लिए बनाई गई जगह पर भी बैठ गए। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने टी ब्रेक के दौरान सबको नीचे भी उतारा।

इससे पूर्व सदन में जैसे ही केजरीवाल ने कैबिनेट के साथ प्रवेश किया तो तालियां बजाकर स्वागत किया गया। इसके लिए विपक्ष के नेताओं ने आपत्ति दर्ज कराई। समर्थक टोपी पहने थे। विपक्ष की आपत्ति पर जैसे ही केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने हाथ से इशारा किया, एक बार में सबने आम आदमी पार्टी की टोपी उतारकर रख ली। विश्वास मत हासिल करने पर भी समर्थकों ने जीत का निशान बनाकर अभिवादन किया।

कुमार विश्वास, संजय सिंह भी रहे मौजूद

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ वरिष्ठ नेता भी सदन की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचे। इसमें संजय सिंह, कुमार विश्वास और आशीष तलवार समेत तमाम नेता शामिल थे। वहीं, कार्यकर्ताओं से दर्शक दीर्घा पूरी तरह भरी थी।

कार्यवाही शुरू होने से पहले ही संजय सिंह और कुमार विश्वास एलजी दीर्घा में पहुंच गए। दोनों नेताओं ने वोटिंग के बाद ही सदन छोड़ा। एलजी दीर्घा में दोनों को देखकर भाजपा विधायकों ने संजय सिंह पर ताना भी कसा। एक विधायक ने कहा, ‘अब संजय आम आदमी नहीं रहे गए हैं, वह भी खास हो गए हैं।’

वहीं, पूरी दर्शक दीर्घा पार्टी समर्थकों से भरी रही। यहां तक कि मीडिया गैलरी में भी लोग जमा हो गए। शुरुआत में समर्थकों ने भाषण पर ताली बजाने की भी कोशिश की। शोरगुल होता देख विधानसभा अध्यक्ष को हिदायत देनी पड़ी कि कार्यवाही बाधित होने पर बाहर निकाल दिया जाएगा। इसके बावजूद बीच-बीच में शोर होता रहा। समर्थक कार्यवाही खत्म होने के बाद ही लौटे।
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भाजपा-कांग्रेस को ज्यादा टाइम

विश्वास मत प्रस्ताव में आम आदमी पार्टी की तरफ से प्रस्ताव रखने और अरविंद केजरीवाल के जवाब देने के अलावा 77 मिनट का समय आवंटित किया था। भाजपा को 88 मिनट, कांग्रेस को 20 मिनट और जेडीयू को 5 मिनट दिए गए थे, लेकिन भाजपा के डॉ. हर्षवर्धन और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने ही 84 मिनट ले लिए।

इसके अलावा भाजपा विधायक साहब सिंह चौहान और नरेश गौड़ भी बोले। कांग्रेस को 20 मिनट मिले थे, जबकि अरविंदर सिंह लवली ही 23 मिनट का भाषण दे गए। फिर जयकिशन को भी बोलने का मौका मिला। जेडीयू के विधायक शोएब इकबाल के लिए 5 मिनट तय किए गए थे, लेकिन वह आधा घंटा सदन का समय ले गए।

हालांकि आम आदमी पार्टी की तरफ से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के अलावा कोई अन्य विधायक नहीं बोला। विधानसभा सचिवालय के अनुसार कार्यवाही 6 बजे खत्म होनी थी, लेकिन आधे घंटे देरी से 6.30 बजे सदन की कार्यवाही अगले दिन के लिए स्थगित की गई।
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