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दिल्ली में बिक रहे स्ट्रीटफूड में मिला मल, पढ़कर नहीं खाएंगे आप

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दिल्ली के ठेलों और रेहड़ियों पर बिकने वाले समोसे, गोलगप्पे, मोमोज और बर्गर खाने के लिहाज से कतई सुरक्षित नहीं हैं।
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राजधानी के कई इलाकों में स्ट्रीट फूड के लिए गए नमूनों में मल के अंश पाए गए हैं। नमूनों की जांच में कई हानिकारक बैक्टीरिया भी पाए गए हैं। नमूने कनॉटप्लेस, रजौरी गार्डन समेत मध्य और पश्चिमी दिल्ली के विभिन्न इलाकों से लिए गए थे।

मेल टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क पर बिकने वाले फास्ट फूड, जंक फूड के अलावा ब्रांडेड रेस्टोरेंट के खाद्य पदार्थ भी स्वास्थ्यकर नहीं हैं।

इंस्टिट्यूट ऑफ होटेल मैनेजमेंट, कैटरिंग एंड न्यूट्रिशन, पुसा द्वारा किए गए अध्ययन में दिल्ली में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में ईकोलाई बेक्टिरिया पाया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये बैक्टिरियां संक्रामक है और स्वास्थ संबंधी कई परेशानियां पैदा कर सकता है।
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सड़क पर बिकने वाले खाद्य पदा‌र्थ टेस्ट में फेल

इंस्टिट्यूट ऑफ होटेल मैनेजमेंट, कैटरिंग एंड न्यूट्रिशन, पुसा के अध्ययन के बाद फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ने दिल्ली फूड सेफ्टी कमिश्नर को स्ट्रीट फूड की गुणवत्‍ता की जांच करने के लिए पत्र लिखा है।

मेल टुडे से बातचीत में इंस्टिट्यूट की सदस्य अर्पिता शर्मा ने बतया कि उन्होंने दिल्ली में सड़कों पर आम तौर पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों का अध्ययन किया। अध्ययन का मकसद स्ट्रीट फूड में जीवाणुओं के स्तर को जानना था।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी और मध्य दिल्ली के पाचं स्‍थानों से स्ट्रीट फूड के नमूनें एक महीने के अंतराल पर दो बार लिए गए। नमूनें इलाकें की मशहून दुकानों और फ्रेंचाइ‌जी आऊटलेट से लिए गए।

पॉश इलाकों की दुकानों में भी हानिकारक बै‌क्टीरिया

अर्पिता शर्मा ने बताया कि अध्ययन के बाद वैज्ञानिक ये जानकर हैरान थे कि कनॉट प्लेस जैसे पॉश इलाकों की दुकानों से लिए गए नमूनों में भी हानिकारक बैक्टीरिया थे। राजौर गार्डन, राजेंद्र प्लेस और सुभाष नगर से ल‌िए गए सैंपल्स में भी बैक्टीरिया पाए गए।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक के अनुसार खाद्य पदार्थ में कोलिफॉर्म बै‌क्टीरिया का स्तर 50 MPN (मोस्ट प्रॉडेबल नंबर) होना चा‌‌हिए, लेकिन ब्रांडेड बर्गर वेज, नॉनवेज मोमोज और अन्य खाद्य पदार्थों में भी इसका स्तर 2400 MPN से ज्यादा पाया गया।

खाद्य पदार्थों में रोग फैलाने वाले जो बेक्टीरिया पाए गए, उनमु मुख्यतया बेसिलियस सीरस, क्लॉस्ट्रीडियम पेरीफ्रिन्जेन्स, स्टेफीलोकॉकर ऑरस और सल्मॉनेला स्पेसीज शामिल थे।
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जानिए आपके लिए क्यों हानिकारक हैं ये बेक्टीरिया

वैज्ञानिकों के अनुसार बेसिलियस सीरस से उल्टी और डायरिया, क्लॉस्ट्रीडियम पेरीफ्रिन्जेन्स से पैट में दर्द और डायरिया, स्टेफीलोकॉकर ऑरस उल्टी, भूख न लगना, पेट में दर्द, हल्का बुखार और सल्मॉनेला स्पेसीज टायफॉइड, फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याएं होती हैं।

मेलटुडे से बातचीत में एम्स की डॉक्‍टर शोभा ने कहा कि अध्ययन से ये तय है कि दिल्ली में हम जो भी खा रहे हैं, उनमें मल का अंश है। खाद्य पदार्थों में कोलीफॉर्म पाए जाने का मतलब यह है कि उन्हें साफ पानी से नहीं बनाया जा रहा है और जहां बनाया जा रहा है, वह जगह भी साफसुथरी नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, इकोलाई खाद्य पदार्थों में मल के अंश होने की स्थिति में ही पैदा होता है। मल का स्रोत दूषित पानी हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्यतः स्ट्रीट वेंडर्स और ब्रांडेड आऊटलेट में पानी के जांच नहीं हो रही है और बनाने के मामले में भी सफाई नहीं बरती जा रही है।
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