भाजपा में अध्यक्ष पद के लिए टकराव बढ़ता जा रहा है। लालकृष्ण आडवाणी के बाद अब यशवंत सिन्हा भी नितिन गडकरी के विरोध में सामने आ गए हैं। यशवंत ने भाजपा कार्यालय से अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फॉर्म मंगवाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यशवंत सिन्हा, नितिन गडकरी को दूसरा कार्यकाल देने से सहमत नहीं है। इसके अलावा वे आरएसएस का फैसला स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को भाजपा अध्यक्ष पद के नामांकन करने का आखिरी दिन है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण अडवाणी भी गडकरी के दोबारा ताजपोशी के खिलाफ हैं। वहीं संघ गडकरी को दोबारा अध्यक्ष बनाने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इस संबंध में संघ अडवाणी पर अपनी बात मनवाने के लिए दबाव डाल रहा है।
हालांकि मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान लालकृष्ण आडवाणी और नितिन गडकरी एक ही मंच पर दिखे। इससे यह कयास लगाया जा रहा है कि शायद आडवाणी ने गडकरी को अपना समर्थन दे दिया है।
इससे पहले सोमवार को राम जेठमलानी के पुत्र महेश जेठमलानी ने भी नामांकन फॉर्म मंगवाया था। उनके बारे में भी कहा गया कि वह भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। हालांकि बाद में इस संभावना से पार्टी ने इनकार कर दिया।