हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव के पतंजलि योग पीठ और दिव्य योग मंदिर ट्रस्टों के बैंक खाते सील करने के मुद्दे पर उन्हें सशर्त राहत प्रदान की है। अदालत ने योग पीठ को फिलहाल 2.10 करोड़ रुपये बतौर आयकर भरने का निर्देश देते हुए आयकर विभाग को सभी बैंक खातों से सील हटाने को कहा है।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति आरवी ईश्वर की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि योग पीठ आयकर विभाग द्वारा बताई बकाया राशि 34.68 करोड़ में से फिलहाल 2.10 करोड़ रुपये 15 मार्च तक जमा करवाएं। वहीं अदालत ने आयकर विभाग आयुक्त को भी निर्देश दिया कि 31 मार्च तक निपटारा किया जाए। अदालत ने आयकर विभाग के फैसले के खिलाफ पतंजलि योग पीठ द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया।
याची के अधिवक्ता ने आयकर विभाग के फैसले को गैरकानूनी बताते हुए तर्क रखा कि योग पीठ को आयकर की छूट प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह चेरिटेबल ट्रस्ट है और हम कोई व्यवसाय नहीं कर रहे। आयकर विभाग ने बदनियती से 34 करोड़ से ज्यादा बकाया दिखाकर खाते सील करवा दिए। वहीं आयकर विभाग के अधिवक्ता ने कहा कि चेरीटेबल संस्था को आयकर की छूट है मगर योग पीठ दवा आदि बेचकर फायदा उठा रहे हैं। यह पूरी तरह से व्यवसाय है।