गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य की नरेंद्र मोदी सरकार और उनके जल संसाधन मंत्री बाबू बोकड़िया को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
यह नोटिस पोरबंदर सेशन कोर्ट से बोकड़िया को मिली सजा पर लगी रोक को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर दिया गया है।
बोकड़िया और तीन अन्य लोगों को पोरबंदर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने इस साल 15 जून को 2006 के 54 करोड़ रुपये के चूना पत्थर अवैध खनन मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी।
मगर जल्द ही उनकी सजा पर पोरबंदर के ही सेशन कोर्ट ने रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के जस्टिस एसजी शाह के समक्ष यह याचिका दिलीप कटारिया, अशोक वनालिया और राजेश वाजा ने दायर की है।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बोकड़िया ने राज्य सरकार की मिलीभगत से अवैध खनन कराया था। राज्य सरकार के वकील प्रकाश जानी ने आपत्ति जताते कहा कि मामले में याचिकाकर्ताओं का आरोप निराधार है और उनकी याचिका पर अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
बहस के बाद कोर्ट ने बोकड़िया और राज्य सरकार के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 17 अक्तूबर को होगी।