महिलाओं की तत्काल सहायता और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से शुरू की गई हेल्पलाइन 181 पहले दिन ही लड़खड़ा गई। हालांकि दोपहर बाद सेवा सुचारू रूप से काम करने लगी। शाम को इस सेवा से लगभग सभी निजी मोबाइल कंपनियां जुड़ गईं।
सोमवार को हेल्पलाइन शुरू होनी थी, लेकिन सुबह के समय कुछ तकनीकी कारणों और निजी मोबाइल कंपनियों के न जुड़ने के कारण सिर्फ एमटीएनएल उपभोक्ता ही हेल्पलाइन सेवा का लाभ ले पाए। पहले दिन ही करीब तीन हजार शिकायतें हेल्पलाइन में पहुंची। इनमें महिलाओं से संबंधित इक्का-दुक्का शिकायतें ही थीं, जबकि अधिकतर अन्य सरकारी व निजी समस्याओं से जुड़ी हुई थीं।
दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉक्टर किरण वालिया ने बताया कि सरकार हेल्पलाइन को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें दूर कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस सेवा का जायजा लिया है।
उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन की शुरुआत में कुछ बेतुकी कॉल भी आ रही हैं, जिनमें दूसरी तरह की समस्याएं बताई जा रही हैं, जैसे गैस सिलेंडर, पति के दूसरी महिला के साथ घूमने जैसे सवाल पूछे जा रहे हैं। इनसे कैसा निपटा जाएगा, इस पर काम किया जा रहा है। हेल्पलाइन सेवा की निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव कुलानंद जोशी का कहना है कि शाम तक सभी दिक्कतें दूर कर ली गईं। सेवा मोबाइल कंपनियों से भी जुड़ गई है।
जैसे ही किसी पीड़िता का फोन कॉल सेंटर को मिलेगा, उसकी जानकारी तत्काल दिल्ली पुलिस, राज्य महिला आयोग और अन्य एजेंसियों को भेज दी जाएगी। इस सेवा से फिलहाल दस से बारह सरकारी कर्मचारी जोड़े गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि उनकी जवाबदेही रहे। समय और मांग को देखते हुए कॉल सेंटर में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।