केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दर्द निवारक दवा एनालजिन, डायबिटीज रोधी दवा पियोग्लिटाजोन और अवसाद रोधी दवा डीनकिस्ट को देश भर में प्रतिबंधित कर दिया है।
इन दवाओं के साइट इफेक्ट की खबरों के चलते यह कदम उठाया गया है। कई देशों में इनके उत्पादन और सेवन पर पहले से ही बैन लगा हुआ है।
ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट, 1940 की धारा 26ए का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत प्रभाव से एनालजिन और उसके सभी फॉर्मूल्येशन के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर रोक लगा दी है।
भारत में एनालजिन कई नामों से बाजार में उपलब्ध है। अमेरिका में 70 के दशक में इस साइड इफेक्ट दिखने के बाद ही इसे बाजार से वापस मंगा लिया गया था। जबकि पियोग्लिटाजोन पर फ्रांस में प्रतिबंध है और माना जाता है कि इससे कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि अमेरिका और यूरोप में चेतावनी के साथ यह दवा बाजार में उपलब्ध है। डीनकिस्ट को बनाने वाले डेनमार्क ने ही इस दवा पर बैन लगा रखा है।
कुछ घरेलू दवा उत्पादकों ने मंत्रालय के इस फैसले का विरोध किया है। उनका मानना है कि इससे लोगों को अब महंगी दवाएं खरीदनी होंगी।