2003 में मारे गए बीजेपी नेता हरेना पांड्या की पत्नी जागृति पांड्या को गुजरात सरकार ने गुजरात महिला एवं बाल विकास आयोग का अध्यक्ष बनाया है। अहमदाबाद में स्थित स्थानीय पत्रकार प्रशांत दयाल ने बताया कि मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट के बैठक में यह फैसला लिया गया। इससे जागृति पांड्या को राज्य में राज्य मंत्री का दर्जा मिल गया है।
वैसे राज्य सरकार का यह फैसला काफी चौंकाने वाला लग रहा है क्योंकि जागृति पांड्या 2003 से लेकर अब तक अपने पति हरेन पांड्या की मौत को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्य बीजेपी के नेताओं पर आरोप लगा रही थी। जागृति का आरोप था कि उनके पति की राजनीतिक बदले की भावना से हत्या हुई।
हालांकि इस हत्या के मामले की सुनवाई सीबीआई ने की थी। सीबीआई ने हरेन पांड्या को गोली मारने वाले हैदराबाद के असगर अली समेत 11 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। लेकिन जब ये मामला गुजरात हाईकोर्ट तक पहुंचा, हाईकोर्ट ने सीबीआई की कार्रवाई की निंदा करते हुए सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया था।
इसको लेकर जागृति पांड्या काफी नाराज थीं और उन्हें सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर फिर से विचार की गुहार लगाई थी। उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। 26 मार्च, 2003 को हरेना पांड्या की हत्या हुई थी। वे केशुभाई पटेल की कैबिनेट में गृह मंत्री थे और नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें राजस्व विभाग की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन 2002 में नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काट दिया था।