गुजरात में पटेल आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समुदाय के युवा नेता हार्दिक पटेल के मंगलवार से लापता होने और बुधवार को सामने आने का पूरा मामला बेहद नाटकीय रहा।
हार्दिक को कथित तौर पर पुलिस हिरासत में लेने के खिलाफ दाखिल एक याचिका पर मंगलवार आधी रात के बाद एक बजकर बीस मिनट के करीब गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। विशेष सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार को हार्दिक को खोजने को कहा था। इस बीच बुधवार दोपहर में हार्दिक सामने आ गए।
इसके बाद पुलिस ने कहा कि हार्दिक लापता हो गए थे जबकि युवा नेता ने दावा किया कि कुछ अज्ञात लोगों ने हथियारों के बल पर उनका अपहरण कर लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि अपहरणकर्ता उनसे आंदोलन खत्म करने और ऐसा नहीं करने को उनको खत्म करने की धमकी दे रहे थे।
पटेल नेताओं के मुताबिक हार्दिक ने दोपहर में उन्हें फोन किया और खुद को सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगधरा में राजमार्ग से ले चलने को कहा। हार्दिक ने बताया कि अरावली जिले के बयाड़ में कुछ लोगों ने उनकी कार का पीछा किया, उसके बाद उन्हें उठा लिया गया। इसके बाद उन्हें पूरी रात एक कार में बिठाए रखा गया।