गुजरात पुलिस ने पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है। हार्दिक ने अपने समर्थकों से कहा था कि आरक्षण के लिए आत्महत्या करने के बजाय पुलिस वालों को मार डालें। हार्दिक ने ये बयान कैमरे के सामने दिया था।
पुलिस ने उसी मामले में उन पर मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि हार्दिक ने अपनी सफाई में कहा कि वे अपने समर्थकों से बात कर रहे थे, जिन्होंने आत्महत्या की धमकी दी थी। हार्दिक ने कहा कि उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया।
हार्दिक ने उस वीडियो टेप की सत्यता पर भी सवाल उठाया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उन पर मुकदमा दर्ज किया है। गुजरात पुलिस का कहना है कि उन्होंने उस टेप की जांच करवाई है और उसमें छेड़छाड़ नहीं की गई है। हार्दिक के खिलाफ रविवार की रात सूरत में मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल वह राजकोट में पुलिस हिरासत में है।
हिरासत के विरोध में गुजरात में हिंसक प्रदर्शन
हार्दिक ने रविवार को राजकोट में हुए भारत और दक्षिण अफ्रीका मैच में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी, हालांकि पुलिस ने उन्हें मैच से पहले ही हिरासत में ले लिया। हार्दिक पटेल को हिरासत में लिए जाने से पाटीदार समाज उग्र हो गया है और गुजरात में कुछ जगहों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन किए गए।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य परिवहन की एक बस भी फूंक दी। जामनगर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक प्रदीप सेजुल ने बताया कि हार्दिक और उनके चार साथियों को माधापार क्रास रोड से हिरासत में लिया गया। हार्दिक किसान की वेशभूषा में थे। इसके बाद सभी को एसआरपी मुख्यालय ले जाया गया। यह खबर फैलते ही जगह-जगह प्रदर्शन होने लगे। मोर्बी सिटी के महेंद्रनगर में कुछ लोगों ने एक बस में आग लगा दी। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
सूरत में हार्दिक के करीबी सहयोगी अल्पेश कठीरीया ने अपने समर्थकों के साथ एनएच आठ पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उनके साथ 17 और लोग पकड़े गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। वहीं बारदोली इलाके में भी प्रदर्शन हुए।
हार्दिक पर दर्ज होगा तिरंगे के अपमान का मामला
दूसरी ओर पकड़े जाने से कुछ देर पहले हार्दिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह दूसरे लोगों की तरह केवल मैच देखना और टीम इंडिया का उत्साह बढ़ाना चाहते हैं। वह विरोध करने के लिए नहीं आए हैं। उनके पास मैच के टिकट भी हैं।
हार्दिक पर दर्ज होगा तिरंगे के अपमान का मामलाः हार्दिक पटेल के खिलाफ राष्ट्रध्वज के अपमान का मामला दर्ज किया जाएगा। राजकोट के पुलिस अधीक्षक गगनदीप गंभीर के अनुसार रविवार को जब हार्दिक को स्टेडियम जाने से रोका गया तो उनके पास तिरंगा भी था।
पुलिस के रोकते ही मीडिया से बात करने के लिए वह अपनी कार की छत पर कूद गए। इसी दौरान तिरंगा उनके पैर से छू गया। कानून के अनुसार यह तिरंगे का अपमान है। हार्दिक की कार चला रहे ड्राइवर के खिलाफ भी केस दर्ज होगा। वह गाड़ी के कागजात नहीं पेश कर पाया।