गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रगान के दौरान सैल्यूट नहीं करने पर हंगामा मचने के बाद उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की ओर से सफाई पेश की गई है। अंसारी के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह उनके सैल्यूट करने का प्रोटोकॉल ही नहीं था।
दरअसल गणतंत्र दिवस के दौरान रविवार को राष्ट्रगान बजा तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वहां उपस्थित रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने राष्ट्रध्वज को सैल्यूट किया था जबकि वहीं कतार में खड़े उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सैल्यूट नहीं किया था। इसके बाद ही सोशल मीडिया पर उपराष्ट्रपति की खिंचाई शुरू हो गई थी। उन पर प्रोटोकॉल तोड़ने की तोहमत लगाई जाने लगी थी।
इसी के बाद उनके कार्यालय की ओर से बयान जारी किया गया। उपराष्ट्रपति के ओएसडी और राज्यसभा टीवी के सीईओ तथा प्रमुख गुरदीप सप्पल ने सफाई देते हुए ट्विटर पर कहा कि प्रोटोकॉल के तहत जब राष्ट्रगान बजता है, तब प्रमुख हस्तियों व सैन्य अफसरों को सलामी देनी होती है।
गणतंत्र दिवस परेड में देश के राष्ट्रपति को बतौर सुप्रीम कमांडर सलामी लेनी होती है, जबकि प्रोटोकॉल के तहत उपराष्ट्रपति को केवल सावधान की मुद्रा में खड़े रहने की जरूरत होती है। सप्पल के मुताबिक, जब उपराष्ट्रपति प्रमुख हस्ती होते हैं तो वह सलामी लेते हैं। जैसे उन्होंने इसी साल एनसीसी कैंप में किया था।