नाबालिग के साथ रेप के आरोपों में फंसे आसाराम बापू की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आसाराम पर सख्ती करते हुए गुजरात सरकार ने जमीन पर अवैध रूप से कब्जे पर आसाराम के आश्रम को 18 करोड़ 27 लाख का नोटिस दिया है।
पहले आसाराम के साथ दिख रहे भाजपा नेताओं ने यूटर्न लेते हुए, सीधे तौर पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में गुजरात सरकार के आदेश पर सूरत कलेक्टर जयप्रकाश शिवहरे ने आसाराम के आश्रम को 18 करोड़ 27 लाख रुपए जुर्माने का नोटिस पकड़ा दिया है।
आसाराम ने गैरकानूनी तरीके से सूरत के जहांगीरपुरा में 34,400 वर्गमीटर का आश्रम खडा कर दिया था।
पहले भी लगते रहे हैं आरोप
गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, नवसारी, बनासकांठा इलाकों में आसाराम बापू के कई आश्रम हैं। बापू पर पहले भी जमीन कब्जाने के आरोप लगते रहे हैं। वह थोड़ी सी जमीन खरीदकर बाद में अवैध रूप से जमीन कब्जा लेते हैं।
कुछ समय पूर्व गुजरात के बनासकांठा में अरावली पर्वतमाला के एक छोटे पर्वत को ही आसाराम के बेटे नारायण सांई ने कब्जाने का प्रयास किया था। बाद में अदालत के आदेश के बाद नारायण साईं को जमीन पर से अवैध कब्जा छोड़ना पड़ा था।
आसाराम के मामले पर बाकी भाजपा नेताओं का रूख जैसा भी हो, लेकिन मोदी उन पर पहले से ही निशाना साधते रहे हैं। दिल्ली में हुई बैठक में मोदी ने बाकी नेताओं को आसाराम का पक्ष लेने लेने से मना किया था। फिलहाल मोदी सरकार के इस दांव के बाद आसाराम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।