मशहूर पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली ने कहा कि कलाकारों को राजनीति से दूर रहना चाहिए। पड़ोसी देशों में अमन की आश को जीवित रखना उनकी जिम्मेदारी है। राजनीति करने वाले कभी महान कलाकार नहीं हो सकते।
मुंबई में शिवसेना की धमकी के चलते कार्यक्रम रद्द होने के बाद इस गजल गायक ने दोबारा भारत की धरती पर कदम नहीं रखने की कसम खाई थी। लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बुलावे पर वह न सिर्फ कोलकाता आए, बल्कि यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में अपनी गजलों से श्रोताओं का दिल भी जीत लिया।
कार्यक्रम से पहले यहां एक अनौपचारिक बातचीत में गुलाम अली ने बताया कि उनकी गजल ‘चुपके-चुपके रात दिन’ बीआर चोपड़ा की फिल्म ‘निकाह’ में कैसे गाई गई थी। उन्होंने इस गजल को लाहौर में रेडियो पाकिस्तान के लिए गाया था। तब उनको पता नहीं था कि यह इतनी मशहूर हो जाएगी।
बाद में एचएमवी उसका रिकार्ड तैयार किया। इसके बाद ही चोपड़ा व सलमा आगा ने उनको फोन किया। वे चाहते थे कि अली भारत आकर उनकी फिल्म के लिए एक गाना रिकार्ड करें। अली बताते हैं कि उस समय भारत आने के लिए एनओसी की जरूरत पड़ती थी। इसके अलावा वह तब अमेरिका के दौरे पर थे। उन्होंने चोपड़ा से कहा, ‘वह मेरे रिकार्ड से इस गजल का इस्तेमाल कर लें। मैं बाद में आकर फिल्म के लिए इसे रिकार्ड कर दूंगा।’