गुजरात पुलिस ने सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके करीबी अमित शाह के खिलाफ एफआईआर लिखने से मना कर दिया। निलंबित आईएएस ऑफिसर प्रदीप शर्मा, मोदी और शाह के खिलाफ एक लड़की की जासूसी करवाने के मामले में राज्य मशीनरी का उपयोग करने को लेकर मामला दर्ज कराने गए थे।
शर्मा गांधीनगर पुलिस के पास मोदी और शाह के खिलाफ जब केस लिखाने गए तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें यह कह कर केस लिखने से मना कर दिया कि इसके ऊपर एक न्यायिक आयोग जांच कर रही है तो हम एफआईआर नहीं लिख सकते।
शर्मा ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि मैंने पुलिस अधिकारियों को कहा कि यह आपराधिक घटना है और आपको इसके खिलाफ एफआईआर लिखना ही होगा। मैंने उनको स्पष्ट सबूत भी दिखाए लेकिन उन्होने मामला दर्ज करने से मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि वह डीएसपी के पास एफआईआर लिखाने की एक कोशिश और करेंगे। साथ ही वह उन दो न्यूज वेबसाइट, गुलेल और कोबरापोस्ट से मौजूद सबूतों को भी सामने रखेंगे।
इन वेबसाइट ने ऑडियो टेप जारी कर सबूत पेश किए हैं, जिसमें 2009 में तब के गृह मंत्री अमित शाह ने अपने 'साहेब' या 'बॉस' के कहने पर शर्मा और उस लड़की की निगरानी करने के लिए पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए थे।
राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मोदी को ही 'बॉस' बताया था। हालांकि सीबीआई अब इसके पीछे का सबूत नहीं पेश कर पाई है।
पिछले महीने गुलेल डॉट कॉम ने अपने न्यूज में बताया कि उनके पास बातचीत के कुछ और टेप मौजूद हैं, जिससे पता चलता है कि उस लड़की का पीछा बैंगलोर में भी गुजरात पुलिस ने किया था।