नरोदा पाटिया दंगा मामले में गुजरात सरकार हाईकोर्ट से नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में मंत्री रह चुकीं माया कोडनानी के लिए फांसी की सजा की मांग करेगी।
इसी मामले में सरकार बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी सहित नौ अन्य दोषियों के लिए भी मौत की सजा की मांग करेगी।
अगस्त, 2012 में अहमदाबाद की विशेष अदालत ने नरोदा पाटिया दंगा मामले में माया कोडनानी को दोषी करार देते हुए 28 साल जेल की सजा सुनाई थी। वहीं बाबू बजरंगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
उल्लेखनीय है कि 2002 के नरोडा पाटिया दंगे में 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 61 लोगों को आरोपी बनाया गया था। 32 आरोपियों को दोषी करार दिया गया, जबकि 29 को सबूत के अभाव में बरी कर दिया था।
इसके अलावा सरकार 22 अन्य दोषियों के सामान्य कारावास की सजा 14 साल से 30 साल करने की अपील करेगी। इसके लिए सरकार हाईकोर्ट से अपील करने जा रही है।
वकील प्रशांत देसाई, अल्पेश कोजे और गौरंग व्यास गुजरात हाईकोर्ट में इस संबंध में अपील करेंगे। प्रशांत देसाई विशेष अभियोजक होंगे, वहीं कोजे और व्यास सहायक अभियोजक होंगे।
व्यास ने बताया कि राज्य सरकार की कानून विभाग ने मंगलवार को प्रस्ताव पारित कर इस मामले में अपील करने का फैसला किया है।