फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात की नई सीएम आनंदी बेन के बारे में पढ़िए सब कुछ

विज्ञापन
विज्ञापन
आनंदीबेन 1987 में उस समय चर्चा में आई थीं, जब वह दो लड़कियों को डूबने से बचाने के लिए सरदार सरोवर जलाशय में कूद पड़ी थीं। उस समय वह एक स्कूल टीचर थीं।
विज्ञापन


गवर्नर से उन्हें बहादुर पुरस्कार मिला और भाजपा नेताओं का ध्यान भी उन पर गया, जिसके बाद उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया गया क्योंकि उस समय महिला नेता बहुत ही कम होती थीं। एक टीचर के रूप में भी उन्होंने सरकार से कई पुरस्कार जीते।

लंबे समय से मोदी के साथ कर रहीं काम

आनंदीबेन और नरेंद्र मोदी लंबे समय से एक साथ काम कर रहे हैं। जब वह भाजपा में शामिल हुईं, उस समय मोदी संघ प्रचारक थे और दोनों के बीच नियमित तौर पर बातचीत होती रहती थी।

वह इकलौती ऐसी महिला थी, जो 1992 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में श्रीनगर के लाल चौक में झंडा फहराने के दौरान साथ थी। दो साल बाद उन्हें राज्यसभा सांसद भी बनाया। गुजरात में पार्टी में अंदरूनी कलह के दौरान भी वह मोदी के साथ खड़ी रहीं।

1998 में पहली बार लड़ी विधानसभा चुनाव
पार्टी ने उनकी क्षमता को पहचानते हुए 1998 में पहली बार उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने को कहा। जीत के बाद वह केशुभाई पटेल सरकार में मंत्री भी बनीं।

सख्त छव‌ि की नेता हैं आनंदी

नरेंद्र मोदी की बेहद विश्वासपात्र आनंदीबेन पटेल की छवि पिछले मुख्यमंत्री की ही तरह बेहद अनुशासित और सख्त प्रशासक वाली है।

गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री को स्वाभाविक तौर पर ही मोदी की उत्तराधिकारी माना जा रहा था क्योंकि मोदी के लोकसभा चुनावों के प्रचार में व्यस्त रहने के दौरान उन्होंने राज्य के मंत्रियों का नेतृत्व किया और राज्य को चलाने के लिए रोजमर्रा की जिम्मेदारियों को संभाला।

शाह और पटेल मोदी के दोनों हाथ

गुजरात में अक्सर पटेल और अमित शाह को मोदी का दायां और बायां हाथ माना जाता है। 73 वर्षीय पटेल मौजूदा मंत्रिमंडल में शहरी विकास, राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्रालय संभाल रहीं हैं।

जबकि पहले उन्होंने शिक्षा मंत्रालय को अच्छे से संभाल कर महिला शिक्षा के मोदी के प्रोजेक्ट को सफल बनाया था। राज्य में पटेल समुदाय के गणित के लिहाज से भी आनंदीबेन का चयन सही माना जा रहा है क्योंकि राज्य में इस समुदाय के लोग सबसे ज्यादा हैं और प्रभावी हैं।
विज्ञापन

गुजरात की सबसे वर‌िष्ठ मंत्री

आनंदीबेन राज्य में सबसे ज्यादा लंबे समय मंत्रालय संभालने वाली भाजपा की मंत्री हैं। वह 80 के दशक में पार्टी में शामिल हुईं थीं और तभी से वह आगे बढ़ती गईं। प्रोफेसर मफतभाई पटेल से शादी करने वाली आनंदीबेन 90 के दशक से ही अपने परिवार से अलग रह रही हैं।

उनका एक बेटा और एक बेटी है। हाल ही में मफतभाई ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन बाद उनके परिवार ने इन खबरों को खारिज कर दिया। पत्नी के शपथ ग्रहण समारोह में उनके पति भी मौजूद रहेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें