गुजरात की आनंदी बेन सरकार दुनिया भर में बसे गुजरातियों की सूची तैयार करा रही है। इसमें उनको शामिल किया जा रहा है जो गुजराती मूल के हैं और किसी व्यवसाय या अन्य कारणों से भारत के विभिन्न राज्यों और दुनिया के अन्य देशों में प्रवास कर रहे हैं।
ऐसे लोगों को चिह्नित कर नॉन रेजिडेंट गुजराती (एनआरजी) कार्ड जारी किया जा रहा है। कार्डधारक को गुजरात जाने पर चिकित्सा, शिक्षा के अलावा रहने और खानपान में छूट मिलेगी। काशी में अब तक चार हजार परिवारों को सूचीबद्ध किया गया है।
अनिवासी गुजरातियों की तलाश और उनको गुजरात कार्ड जारी करने की योजना पीएम नरेंद्र मोदी की सोच का हिस्सा बताया जा रहा है। इस अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के सीएम थे, तभी उन्होंने इस योजना की शुरुआत की थी।
गुजरात स्टेट नान रेजिडेंट गुजराती फाउंडेशन के तहत एक अलग विभाग ही खोल दिया गया है। इस फाउंडेशन की ओर से काशी में गुजरातियों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।