गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए बिग बॉस के घर से बाहर लाए गए नवजोत सिंह सिद्धू ने एकबारगी तो अपने बिग बॉस नरेंद्र मोदी को ही मुश्किल में डाल दिया था। केशुभाई पटेल पर की गई टिप्पणी से पटेल समाज की नाराजगी को भांपते हुए मोदी ने सिद्धू को प्रचार अभियान के बीच से ही बाहर भेज दिया।
अब चार दिन बाद जब उनकी वापसी हुई, तो इस ऐहतियात और चेतावनी के साथ कि वे सौराष्ट्र में प्रचार के लिए नहीं जाएंगे और केशुभाई के लिए एक शब्द भी नहीं बोलेंगे। गुजरात में पटेल समाज के 12 प्रतिशत से अधिक मत हैं, जिसका सबसे अधिक हिस्सा सौराष्ट्र में आता है। सौराष्ट्र में जीत-हार में पटेल समाज की अहम भूमिका रहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार केशुभाई की पार्टी जीपीपी यहां पहले से ही भाजपा को नुकसान पहुंचा रही है। ऐसे में सिद्धू को सौराष्ट्र में प्रचार करने देना मोदी का सवा सौ से अधिक सीटें जीतने का सपना टूट सकता था। सौराष्ट्र में त्रिकोणीय मुकाबला होने के कारण कोई भी विशेषज्ञ ठीक-ठीक अंदाजा नहीं लगा पा रहा है कि किस पार्टी के खाते में कितनी सीटें जाएंगी।
हालांकि इतना जरूर माना जा रहा है कि जीपीपी करीब पांच सीटें यहां से जीतेगी, जिसका खामियाजा भाजपा को उठाना पड़ेगा। दरअसल सिद्धू ने केशुभाई पटेल को देशद्रोही कह दिया था। उन्होंने यहां तक कह दिया कि केशुभाई को वोट देना गौ मांस खाने जैसा है। उनकी टिप्पणियों से केशुभाई तो खफा हुए ही, पटेल समुदाय भी खासा नाराज हुआ।
पटेल समाज का कहना था कि सिद्धू ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। पार्टी नेतृत्व को जैसे ही पटेल समुदाय की नाराजगी का पता लगा, सिद्धू को प्रचार से हटा लिया गया। हालांकि सिद्धू की सफाई यह थी कि वे केशुभाई को पक्ष द्रोही बोलना चाहते थे, लेकिन मुंह से देशद्रोही निकल गया।