मोदी सरकार ने नरोदा पाटिया मामले में दोषी माया कोडनानी और बाबू बजरंगी समेत 10 आरोपियों की सजा को फांसी में बदलवाने की अपील पर यू-टर्न ले लिया है। सरकार ने फिलहाल इस मामले में अपील न करने का निर्णय लिया है।
राज्य के वित्त मंत्री और प्रवक्ता नितिन पटेल ने कहा कि फिलहाल इस मामले में फांसी की अपील करने के फैसले पर रोक लगा दी गई है। सरकार इस पर पहले एडवोकेट जनरल से विचार-विमर्श करेगी।
उन्होंने कहा कि एडवोकेट जनरल से सलाह के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि 2002 में गोधरा दंगों के बाद नरोदा पाटिया में हुए दंगे में 96 लोगों की मौत हो गई थी। स्पेशल कोर्ट ने तत्कालीन मोदी सरकार में मंत्री रही माया कोडनानी को 28 साल कारावास की सजा दी है। जबकि बाबू बजरंगी को आजीवन कारावस की सजा सुनाई गई है।
बताया जा रहा है कि हिंदू संगठनों द्वारा माया कोडनानी और बाबू बजरंगी समेत 10 आरोपियों की सजा को फांसी में तब्दील कराने की अपील के फैसले की आलोचना के बाद मोदी सरकार ने यह निर्णय लिया है।