सुरक्षा एजेंसियां घाटी में पिछले दो दिन में हुए चार ग्रेनेड हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की 90 के दशक में लौटने की कोशिशों का संकेत मान रही हैं।
एजेंसियों का मानना है कि ग्रेनेड हमला आतंकवादियों का सबसे कारगर हथियार साबित हुआ है। सूत्रों का कहना है कि पिछले छह महीने से पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई घाटी में माहौल को गरमाने में लगी है।
इसी के तहत पाकिस्तान और आतंकी संगठन आईएसआईएस के झंडे दिखाकर सुरक्षा एजेंसियों को उकसाने की कोशिश की जा रही है। ग्रेनेड हमले से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर श्रीनगर समेत पूरी घाटी में बंकर का सहारा लेना होगा।